ऐसे शर्मसार हुई पुलिस, सिर झुका लिया

जवाहरनगर थाना का एसआई रिश्वत लेते हुए धरा गया
श्रीगंगानगर। रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने पर पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर इतना शर्मसार हुआ कि उसे अपना सिर उठाना ही मुश्किल हो गया। यह सब इंस्पेक्टर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम से घिर जाने पर काफी देर तक सिर झुकाये ही बैठा रहा। उसे इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि आंख मिलाने के लिए उसने सिर नहीं उठाया। ब्यूरो की टीम ने ट्रेप की यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर को स्थानीय जवाहरनगर थाना में सफलतापूर्वक अंजाम दी, जब इस थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर राधेश्याम सांखला को 11 हजार की रिश्वत लेते हुए दबोचा। यह कार्रवाई बीकानेर से आये ब्यूरो के अवर एसपी राजेश पूनिया की अगुवाई में दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे की गई। उस समय थानाधिकारी शकील अहमद मौजूद नहीं थे। बताया गया कि अहमद दो-तीन दिन से अवकाश पर हैं। ब्यूरो की टीम ने थाने के एक अनुसंधान कक्ष में बैठे सब इंस्पेक्टर राधेश्याम सांखला को जैसे ही पकड़ा, थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों में भगधड़ मच गई। वे अपनी सीटें छोड़कर थाने से बाहर भाग गये। थाने के नजदीक ही पार्क में चले गये अथवा चाय-दूध के होटलों पर जाकर बैठ गये। कुछ देर बाद जब उन्हें तसल्ली हुई कि कार्रवाई सिर्फ एसआई के विरुद्ध ही हो रही है, वे धीरे-धीरे वापिस अपनी सीटों पर आकर बैठ गये। इसके बाद देर शाम तक इसी थाने में ही ब्यूरो की टीम ने ट्रेप सम्बन्धित कागजी कार्रवाई पूरी की। जिस प्रकरण में एसआई राधेश्याम ने रिश्वत मांगी थी, उसकी पत्रावली को जब्त कर लिया। अवर एसपी पूनिया ने बताया कि रिश्वत के 11 हजार रुपये एसआई राधेश्याम के पहनी हुई वर्दी की जेब से बरामद हुई है। उसे कल शनिवार को श्रीगंगानगर में ही ब्यूरो की विशेष अदालत में पेश किया जायेगा।
यह है पूरा मामला
एसआई राधेश्याम सांखला के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने का यह पूरा मामला बेहद दिलचस्प और लम्बा है। पुलिस के अनुसार स्थानीय पब्लिक पार्क क्षेत्र
में रहने वाले लैंडलॉर्ड व कॉलोनाइजर रवि पुत्र परमानंद सेतिया की कृषि भूमि अबोहर मार्ग पर साधूवाली गांव से आगे गुमजाल गांव मेें भी है।
सांखला को ट्रेप करवाने वाले भरतलाल उर्फ भरतिया पुत्र बिहारीलाल कुम्हार निवासी चक 2 डी की साधूवाली में नेशनल हाइवे 62 पर कृषि यंत्र ठीक करने
की वर्कशॉप है। ब्यूरो को विगत 5 फरवरी को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत करने वाले भरतलाल ने बताया है कि रवि सेतिया उसकी वर्कशॉप पर अपने खेतों के कृषि यंत्र, औजार तथा ट्रॉलियों आदि की मरम्मत करवाता रहता था। इसका काफी पैसा रवि सेतिया की तरफ बकाया हो गया था। बकाया राशि को लेकर उनमें विवाद हो गया। तब गत वर्ष जून माह में पुलिस ने जवाहरनगर थाने में लाकर उसके साथ मारपीट की थी। इस बारे में उसने बाद में थानाधिकारी शकील अहमद, सब इंस्पेक्टर व कुछ पुलिसकर्मियों और रवि सेतिया सहित कईं जनों के विरुद्ध कोर्ट में इस्तगासा कर दिया था। कोर्ट ने इस पर जांच के आदेश दे दिये। यह जांच अभी भी चल रही है। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान रवि सेतिया ने विगत 11 जनवरी को भरतलाल पर उसकी तीन ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को धोखे से हड़प लेने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवा दिया।
मांगी 15 हजार की रिश्वत
अवर एसपी पूनिया के अनुसार एसआई राधेश्याम ने परिवादी भरतलाल से उसके द्वारा दायर किये गये कोर्ट इस्तगासा की जांच सही तरीके से करने तथा रवि सेतिया द्वारा उसके विरुद्ध दर्ज करवाये गये मुकदमे में चोरी के आरोप में उसकी गिरफ्तारी न करने और रवि सेतिया से उसके बकाया रुपये दिलवा देने की ऐवज में 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। गत 5 फरवरी को भरतलाल द्वारा इसकी शिकायत कर देने पर विगत दिवस इसका गुप्त रूप से सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के समय लेनदेन की बातचीत रिकॉर्ड की गई। उस दौरान राधेश्याम 12 हजार रुपये में यह काम करने को राजी हो गया। आज योजना के तहत भरतलाल को 11 हजार रुपये अदृश्य रंग लगाकर राधेश्याम के पास भेजा गया। राधेश्याम ने उसे थाने मेें ही बुलाया था। थाने में बावर्दी राधेेश्याम ने यह रिश्वत पकड़ी और अपनी वर्दी की जेब में डाल ली। अवर एसपी के अनुसार परिवादी ने दी शिकायत में कहा है कि एसआई राधेश्याम उससे थानाधिकारी को देने के लिए रिश्वत मांग रहा है। ट्रेप हो जाने के बाद अब आगे इस बात की भी जांच की जायेगी कि थानाधिकारी भी इसमें दोषी है या नहीं।


correspondent

Sanjay Sethi

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