नायाब आतिशबाजी, जलते अंगारों पर अग्नि नृत्य

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ऊंट उत्सव संपन्न
बीकानेर। नायाब आतिशबाजी, धधकते अंगारों पर अग्नि नृत्य और देश के विभिन्न अंचलों के कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ रविवार को जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित 25 वां ऊंट उत्सव संपन्न हुआ। उत्सव के दूसरे दिन डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई जिसमें देशी-विदेशी सैलानियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता, स्टेट बैंक के महाप्रबंधक विनीत कुमार, सहायक महाप्रबंधक पी.एस.यादव व अन्य अधिकारियों ने दोनों दिन हुई प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया तथा उत्सव में परोक्ष-अपरोक्ष रूप से सहयोग देने वालों का सम्मान स्मृति चिन्ह से किया । सम्मानित होने वालों के उद्घोषक रवीन्द्र हर्ष, संजय पुरोहित, ज्योति प्रकाश रंगा, किशोर सिंह राजपुरोहित, मिस मरवण 2015 सुश्री डिम्पल कंवर खींची, ऊंट नर्तक भावल खां बलोच, नगेन्द्र सिंह शेखावत, कोच, खेमसा पुरोहित व सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी शिव कुमार सोनी आदि शामिल थे।
अग्नि नृत्य
महंत रघुनाथजी के नेतृत्व में भगवान जसनाथजी की स्तुति वंदना के रूप में प्रस्तुत अग्नि नृत्य के दौरान सिद्ध सम्प्रदाय के अनुयायियों ने अग्नि के साथ अठखेलियां कर देशी-विदेशी पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर दिया। करीब 7 क्विंटल लकड़ी के अंगारों को मुंंह में रखकर व पैरों से फूलों की तरह आस्था व विश्वास के साथ उछाला। पूर्व में जसनाथजी महाराज का ध्वज स्थापित कर आरती की गई। शबद ’सतगुरु सिंवरों मोवणा, जिण संसार उपायो’’ के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में दौरान चौथे शब्द गाते ही नर्तक आग के अंगारों पर अठखेलियां करने शुरू हो गए। नगाड़े पर मालासर के मानाराम, मंजीरा पर तपसी नाथ, जगदीश नाथ व श्रवण नाथ संगत करते हुए शबद गा रहे थे। वहीं मालासर के कुंभनाथ, मेघनाथ, भंवर नाथ, पूनरासर में विश्वनाथ आदि ने जलते ंअंगारों पर नृत्य किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जोधपुर की पारसनाथ कालबेलिया व पार्टी ने ’काळयो कूद पड़यो मेळा में’’ गीत के साथ नागीन सा बल खाते हुए व नृत्य के दौरान अनेक करतब दिखाते हुए प्रस्तुतियां दी । दल की कलाकार चंदा सपेरा, सुशीला व सुगना ने आंखों से अंगूठी व नोट को उठाया वहीं ताल व लय के साथ चक्री करते हुए से सराहना बटोरी। मालवा चूमर क्लब पतड़ा, पटियाला पंजाब के कलाकारों ने पंजाबी लोक संगीत व संस्कृति का साक्षात्कार करवाया। नोर्थ जोन सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला के इन कलाकारों ने ’’जिन्दुवा’ व ’’भंगड़ा’ पेश किया। ’’जिन्द माही जे चलियो, पटियाला, उथै देखदे रेशमी नाल, अधे चिटे ते अधे काले’’ गीत के साथ नवजोत सिंधु, अर्शदीप सिंह, जगप्रीत, सुश्रीमनप्रीत कौर, परमीत कौर, सिमरन कौर व रमन दीप कौर ने नृत्य किया। हरमिन्द्र सिंह के निर्देशन में बूटा सिंह ने गीत व ढोल पर उस्ताद जसमिन्द्र सिंह ने संगत की।


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