नशे से तन, मन और धन का भारी नुकसान-बीके मुन्नी

आबू रोड। नशा मनुष्य को हर तरह से नुकसान पहुंचाता है। इससे तन, मन और धन सब बर्बाद हो जाता है। इसके साथ ही कई बीमारियों को जन्म भी देता है। उक्त उदगार ब्रह्माकुमारीज संस्था की कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी ने व्यक्त किये। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में श्रमिकों के लिए नशामुक्ति कार्यक्रम के दौरान बोल रही थी। इस अवसर पर करीब दो हजार श्रमिकों को सर्दी से बचने के लिए कम्बल भी वितरित किये गये।उन्होंने कहा कि हमारा एक एक पैसा कीमती है। इसलिए हमें व्यसनों से बचने का प्रयास करना चाहिए। इससे परिवार और बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए कभी भी नशे को हाथ नहीं लगाना चाहिए। इस अवसर पर शांतिवन के प्रबन्धक बीके भूपाल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि लोगों का जीवन सुख और शांति से भरपूर रहे। इसके लिए जीवन में शांति एवं आनन्द चाहिए तो व्यसनों से दूर रहना पड़ेगा। इसके लिए संयम की जरूरत है।
कार्यक्रम में व्यसनों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए डा0 बीके सविता ने कहा कि जब हम एक बार नशा करते है तो कई घंटे सकारात्मक कार्य करने की शक्ति समाप्त हो जाती है। इसलिए इससे परिवार और बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए कभी भी नशे को हाथ नहीं लगाना चाहिए। इस अवसर पर शांतिवन के प्रबन्धक बीके भूपाल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि लोगों का जीवन सुख और शांति से भरपूर रहे। इसके लिए जीवन में शांति एवं आनन्द चाहिए तो व्यसनों से दूर रहना पड़ेगा। इसके लिए संयम की जरूरत है। कार्यक्रम में व्यसनों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए डा0 बीके सविता ने कहा कि जब हम एक बार नशा करते है तो कई घंटे सकारात्मक कार्य करने की शक्ति समाप्त हो जाती है। इसलिए नकारात्मकता हमें हर प्रकार से नुकसान पहुंचाती है। बच्चें और परिवार सभी को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए इसमें हमें इससे दूर रहना चाहिए। इस अवसर पर शांतिवन के मुख्य अभियन्ता बीके भरत, बीके भानू, बीके मोहन समेत कई लोगों ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में बीके कृष्णा, बीके चन्दा समेत कई लोग उपस्थित थे। यह आयोजन ब्रह्माकुमारीज संस्था की साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माा बाबा की 18 जनवरी को मनाये जाने वाले पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। जिसमें जरूरत मंद तथा 2 हजार श्रमिकों को कम्बल भी वितरित किये गये।


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