सौंदर्य को देख की सराहना, उपेक्षा को देख झलका दर्द

उदयपुर। अरथूना शिल्पकला की दृष्टि से अद्भुत है, इसकी मूर्तियां सजीव नहीं है, सो उपेक्षा किए जाने का अपना दर्द बयां नहीं कर सकती। इन्हें परायों ने तोड़ा है परंतु अपनों द्वारा संभाले नहीं जाने की गुहार भी नहीं कर सकती। यह उद्गार राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने शुक्रवार को जिले के क्षेत्रीय भ्रमण के तहत अरथूना में दसवीं शताब्दी की प्रतिमाओं और मंदिर समूहों के क्षतिग्रस्त हालातों को देखकर व्यक्त किए।आज अपराह्न में अरथूना पहुंची श्रीमती चतुर्वेदी ने अरथूना के मंदिर समूहों का अवलोकन किया और यहां की विशेषताआंे के बारे में जानकारी ली। सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कमलेश शर्मा ने मंदिर समूह का अवलोकन कराते हुए यहां के इतिहास और शिल्प वैशिष्ट्य के बारे में जानकारी दी। इस दौरान चतुर्वेदी ने श्री हनुमान मंदिर व शिव पंचायतन मंदिर मे पूजा अर्चना की तथा एक शिवालय की देहरी पर बैठकर ध्यान भी लगाया। उन्होंने मंदिर समूह के अवलोकन दौरान यहां मंदिरों की दिवारों पर उकेरी गई प्रतिमाओं के सौंदर्य की भी तारीफ की तथा इसे अप्रतिम बताया। चतुर्वेदी ने कहा कि वागड़ अंचल पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं से भरा हुआ है परंतु इसके लिए जिम्मेदारों को सही कार्ययोजना के साथ आगे आने के प्रयास करने चाहिए। इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी पूजा कुमारी पार्थ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक दिलीप रोकडि़या, बेणेश्वर लोक विकास संस्थान के सचिव यतीन उपाध्याय, समाजसेवी लक्ष्मीदŸा, पंकज पाटीदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


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DesertTimes.in

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