झीलों की नगरी में बनेगी “तितली वाटिका” !

– देश में प्रस्तावित 18 राज्यों में राजस्थान शामिल
– उदयपुर के सज्ज्नगढ़ जैविक उधान में बनेगा तितलियों का बसेरा
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दिल्ली संवाददाता
दिल्ली। राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर में आने वाले दिनों में तितलियां हवा में तैरती नजर आएंगी। सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में उदयपुर के सज्ज्नगढ़ जैविक उधान में तितली वाटिका बनाई जाएगी। इसके लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तैयारी कर रहा है। वर्तमान में तितली वाटिकाएं व उधान देश के कुछ चुनिंदा व मान्यताप्राप्त चिड़ियाघरों में ही है।

एक नजर वर्तमान की तितली वाटिकाओं पर:-
बनेरघटा जैविक उधान, बैगलुरू
टाटा स्टील प्राणी उधान, जमशेदपुर
इंदिरा गांधी प्राणी उधान, विशाखापत्तनम
श्री वैकेटेश्वर प्राणी उधान, तिरुपति
डा.श्यामाप्रशाद मुखर्जी प्राणी उधान, सूरत
नेहरू प्राणी उधान, हैदराबाद
कमला नेहरू प्राणी वाटिका, अहमदाबाद
अरिनगर अन्ना प्राणी उधान, चैन्नई
श्री चामाराजेन्द्र प्राणी वाटिका, मैसूर
भगवान विरसा जैविक उधान, रांची
राजीव गांधी प्राणी उधान और वन्यजीव अनुसंधान केन्द्र, पूणे
नंदनकानन प्राणी उधान, भुवनेश्वर
राष्ट्रीय प्राणी उधान, नई दिल्ली

ये है चिंता का विषय
देश में फिलवक्त 13 मान्यताप्राप्त चिड़ियाघरों में तितली वाटिका/उधान मौजूद है और 18 राज्यों के प्रस्तावित भी है लेकिन लोकसभा में तेलुगू देशम पार्टी के गुंटूर(आंध्र प्रदेश) के सांसद जैदेव गल्ला के सवाल कि बीते पांच वर्षो में और चालू वर्ष में सरकार या केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से देश में तितली वाटिकाओं के विकास के लिए कोई वित्तिय या अन्य सहायता दी गई है?, इस सवाल के जवाब में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने जवाब में कहा कि ऐसी कोई भी सहायता नहीं दी गई है। ऐसे में आर्थिक अभाव में देश के तितली उधानों में इनकी बेहतर उड़ान पर संदेह नजर आ रहा है।

…उदयपुर में प्रस्तावित
लोकसभा में तेलुगू देशम पार्टी के गुंटूर(आंध्र प्रदेश) के सांसद जैदेव गल्ला के सवाल के जवाब में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने जिन 18 राज्यों में प्रस्तावित तितली उधानों का जिक्र किया उसमें राजस्थान के उदयपुर का सज्ज्नगढ़ जैविक उधान शामिल है। अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां बीते पांच सालों में इनके विकास के नाम पर जहां कोई वित्तिय या अन्य सहायता नहीं दी, ऐसे में इनका विकास कैसे हो पाएगा।

इनका कहना है :-
उदयपुर पर्यटकों के लिए एक आकर्षित करने वाला शहर है। यहां के बॉयलोजिकल पार्क के फर्स्ट फेज का काम पूरा हो गया है। दूसरे फेज में विस्तार करते हुए गुलाबबाग में बर्ड पार्क को विकसित करने का काम कर रहे है। यहां अभी कुछ नये टाइगर भी देश के कई हिस्सों से लाए गए है। राजस्थान सरकार से बीस करोड रुपए मिले और स्थानीय यूआईटी व निगम से तीन करोड़ रुपए जुटाए गए जो इनके विकास में काम आएगा। तितली उधान के विकास में केन्द्र सरकार व केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से भी मदद लेने की कोशिश करेंगे।
अर्जुनलाल मीणा
सांसद, उदयपुर


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