आना सागर झील में होगी बोटिंग व एडवेंचर वाटर गेम

झील संरक्षण एवं विकास समिति की बैठक आयोजित
अजमेर। जिला कलक्टर गौरव गोयल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय झील संरक्षण एवं विकास समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इसके अन्तर्गत जिले की आनासागर, गुंदोलाव तथा कनक सागर झीलों के संरक्षण एवं विकास पर चर्चा की गई।कलक्टर ने कहा कि आनासागर झील का विशेष महत्व है। अजमेर शहर की शान ऎतिहासिक आनासागर झील के संरक्षण और विकास सहित सौंदर्यीकरण के लिए राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। अब झील में मलबा डालने, अतिक्रमण करने, पानी को दूषित कर झील को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। ऎसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा तय मानकों के अनुसार विकास करने के लिए यहां बोटिंग, एडवेंचर वाटर गेम, बर्ड सेंच्यूरी आदि गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
झील सीमा के लिए लगेंगे मुटाम
उन्होंने कहा कि झील की चारदीवारी चिन्हीकरण के साथ झील की सुरक्षा, मरम्मत एवं सरंक्षण के कार्य करवाए जा सकेंगे। झील की सीमा के चिन्हीकरण के लिए थोड़ी-थोड़ी दूरी पर नीले रंग के स्थायी मुटाम लगाये जाएंगे। इससे झील के क्षेत्रफल की जानकारी आसानी से हो सकेगी। रीजनल कॉलेज से महावीर कॉलोनी तक लगभग 1.8 किलोमीटर की दूरी तक पाथवे शीघ्र ही निर्मित किया जाएगा।
बनेगा लघु पक्षी विहार
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से सागर विहार कॉलोनी के पास भरतपुर के घना पक्षी अभ्यारण्य की तर्ज पर लघु पक्षी विहार स्मार्ट सिटी के माध्यम से बनाना प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत कच्चा ट्रेक बनाया जाएगा। इसके दोनो और वेटलैण्ड होगी। इसमें विभिन्न प्रजातियों के छोटे एवं बड़े पक्षी हितैषी पौधे लगाए जाएंगे। इनका सघन वृक्षारोपण पक्षियों को आकर्षित करेगा। उनके भोजन के लिए वैटलैण्ड में पर्याप्त मात्रा में सामग्री प्राप्त होगी। छोटे झाड़ीनुमा पौधों से उन्हें भोजन तथा बड़े पेड़ों से सुरक्षा एवं आवास उपलब्ध होगा। पक्षियों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने से उनकी संख्या में वृद्धि होगी। इससे अजमेर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


correspondent

DesertTimes.in

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