बस-पिकअप भिड़ंत में सात मरे, 24 घायल

-बीकानेर के नोखा थाना क्षेत्र में भीषण हादसा श्रीगंगानगर। बीकानेर जिले में नोखा थाना क्षेत्र में मंगलवार अपराह्न लोक परिवहन सेवा की एक बस तथा पिकअप वाहन में आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में पिकअप में सवार दो दर्जन से अधिक व्यक्ति बुरी तरह जख्मी हो गये। इनमें छह जनों की मौके पर ही मौत हो गई। एक घायल महिला की बाद में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में मृत्यु हो गई। इस भयानक दुर्घटना के हो जाने से इलाके मेें शोक की लहर दौड़ गई। सभी मृतक और ज्यादातर घायल नोखा, इसके नजदीक देसलसर, रोड़ा और पांचू कस्बा के निवासी हैं। पिकअप में सांसी समाज के लोग सवार थे, जो गांव अणखीसर मेें समाज में ही किसी का निधन हो जाने पर उसके 12वें की रस्म में शामिल होकर वापिस आ रहे थे। पुलिस के अनुसार लोग परिवहन सेवा की बस बीकानेर से सालासर जा रही थी। नोखा से लगभग पांच किमी दूर सोमलसर गांव के पास सायं 4.30 बजे यह भीषण दुर्घटना हो गई। दोनों वाहन आमने-सामने से पूरी गति से टकराये। पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गये। पिकअप के पीछे डाला में औरतें व बच्चे सवार थे। आगे चालक के साथ की सीटों पर पुरुष बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताय कि यह टक्कर इतनी जोर से हुई कि पिकअप में सवार एक बालक का सिर, धड से अलग हो गया। इस स्टेट हाइवे रोड पर गुजर रहे वाहन वहीं रुक गये। इन वाहनों में सवार लोगों ने पिकअप में फंसे लोगों को निकाला और उन्हें अपने ही वाहनों से नोखा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। इसी बीच हादसे की सूचना मिलते ही थानाप्रभारी मनोज शर्मा और सब इंस्पेक्टर जसवीर भी पुलिसकर्मियों सहित पहुंंच गये। पुलिस ने भी घायलों को अस्पताल में पहुंचाने में मदद की। अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों ने छह जनों को मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में बस के भी पांच-छह यात्रियों के चोटें आई हैं। बस के शीशे फूट गये। उसका चालक मौके पर से गायब हो गया। पुलिस के अनुसार मृतकों में सुगनीदेवी पत्नी दानाराम निवासी रोड़ा, दानाराम पुत्र खेताराम निवासी देशनोक, मंगतूराम पुत्र कृष्णराम निवासी देसलसर, स्वीटी पुत्री पप्पूराम निवासी नोखा, सीताराम व मुकेश पुत्र मंगतूराम निवासी नोखा शामिल हैं। इन छह जनों को नोखा अस्पताल में मृत घोषित किया गया। प्राथमिक उपचार देकर 24 घायलों को नोखा से पीबीएम अस्पताल बीकानेर के लिए रैफर किया गया। इनमें सुशीला पत्नी ओमप्रकाश निवासी नोखा की बाद में पीबीएम अस्पताल में मृत्यु हो गई। तीन घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। पांच-छह घायलों को नोखा में प्राथमिक उपचार दिये जाने के बाद छुट्टी दे दी गई। देर शाम नोखा अस्पताल में छह मृतकों के शव पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार वालों को सौंप दिये गये। सुशीला का पोस्टमार्टम कल होगा। स्वर्गरथ में ले जाये गये घायल इस भयानक हादसे में एक बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है। नोखा में आपातकाल सेवा 108 की एम्बुलेंस की सेवा कईं दिनों से ठप पड़ी है। सरकारी अस्पताल के पास अपने एम्बुलेंस वाहन है, लेकिन इनका उपयोग अस्पताल के मेडिकल-बायोवेस्ट और कचरा आदि ढोने के लिए किया जाता है। इसके अलावा स्टाफ को लाने-ले जाने में यह गाडिय़ां इस्तेमाल की जाती हैं। आज जब यह बड़ी दुर्घटना हुई तो इसमें घायल हुए व्यक्तियों को बीकानेर पीबीएम अस्पताल ले जाने के लिए कोई सरकारी एम्बुलेंस नहीं थी। इस पर आनन-फानन में निजी संस्थाओं या व्यक्तिगत रूप से एम्बुलेंस चलाने वाले लोग आगे आये। इन एम्बुलेंसों के साथ-साथ कस्बे में एक सामाजिक संस्था द्वारा अन्तिम संस्कार के लिए शवों को कल्याण भूमि ले जाने के लिए दिये हुए वाहन स्वर्गरथ से घायलों को बीकानेर ले जाया गया। एसपी-कलक्टर पहुंचे मौके पर इस हादसे की जानकारी मिलते ही बीकानेर से जिला कलक्टर अनिल गुप्ता और पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा नोखा के लिए रवाना हो गये। इन दोनों अधिकारियों ने सोमलसर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी ली। तत्पश्चात् यह दोनों अधिकारी नोखा अस्पताल में पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों-घायलों के परिवारजनों का ढांढस बंधाया। जानकारी के अनुसार जिला कलक्टर ने मृतकों के परिवार वालों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 50-50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिये हैं। घायलों का नि:शुल्क उपचार करवाने के भी आदेश दिये हैं।

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Sanjay Sethi

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