एनआरआई मर्डर केस का अधूरा खुलासा

– न मास्टरमाइंड पकड़ में, न मोटिव का पता
– युवती समेत तीन जने गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। बहुचर्चित एनआरआई हरदीप सिंह हत्याकांड में चार दिन की जांच-पड़ताल के बाद बुधवार को पुलिस ने आधा-अधूरा खुलासा किया। पुलिस ने दो दिन पूर्व पूछताछ के लिए पकड़ी एक युवती और दो युवकों को गिरफ्तार कर लेना बताया है। मगर इस मर्डर केस के मास्टरमाइंड समेत छह जने अभी पकड़ से बाहर हैं। श्रीकरणपुर के डीएसपी सुनील पंवार तथा गजसिंहपुर थानाप्रभारी राजाराम लेघा ने प्रेस वार्ता में बताया कि चक 44 आरबी की कमलजीत कौर पत्नी बलविन्द्र सिंह रामदासिया, गांव चरनौली के प्रदीप सिंह पुत्र रेशमसिंह जट सिख तथा गजसिंहपुर में वार्ड नं. 30 के मंगासिंह उर्फ मनप्रीत सिंह पुत्र विचित्र सिंह जट सिख को आज गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को कल कोर्ट में पेश किया जायेगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस वारदात में प्रत्यक्ष रूप से- चक 26 एफएफ के सुरेन्द्र सिंह उर्फ छिन्दा (मास्टरमाइंड) पुत्र आत्मासिंह जट सिख, चक 18 एनपी के अनूप पुत्र महावीर प्रसाद बिश्रोई, चक 39 बीबी के अमनदीप सिंह उर्फ अमना पुत्र जगजीत सिंह जट सिख, चक 28 एफएफ के गगनदीप उर्फ गगना पुत्र कालासिंह जट सिख भी शामिल रहे। इनके अलावा दो और युवक भी शामिल थे, जिनकी पहचान कर ली गई है, परंतु अभी इनकी आयु के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है, इसलिए बाल अपचारी मानते हुए उनके नाम गोपनीय रखे हुए हैं।
युवती से फोन करके बुलवाया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हरदीप सिंह (42) निवासी चक 31 एमएल को शिकार बनाने के लिए छिन्दा ने कमलजीत कौर से विगत 11 नवम्बर की शाम को बार-बार फोन करवाकर चक 9 आरबी-36 बीबी के बीच बुलाया था। चूंकि हरदीप सिंह एनआरआई था। वह हॉलैंड का परमानेंट रेजिडेंट था। इसलिए कमलजीत कौर से फोन करवाया गया कि उससे वह विदेश जाने के बारे में बात करना चाहती है। हरदीप सिंह उससे मिलने जाने के लिए आतुर हो गया, क्योंकि वह खुद बड़ा रंगीन मिजाज था। उस दिन शाम 5-5.30 बजे हरदीप सिंह को अन्तिम बार चक 31-32 एमएल के बीच गाड़ी में जाते हुए देखा गया था। इसके दो घंटे बाद वह चक 9 आरबी-36 बीबी के बीच बेहद गम्भीर-चोटिल हालत में मिला। पकड़े गये अभियुक्तों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कमलजीत कौर को सड़क पर अकेले खड़ा करके बाकी हमलावर आसपास खेतों में छिपकर बैठ गये थे। हरदीप सिंह ने वहां जाकर कमलजीत कौर को जैसे ही अपनी गाड़ी में बिठाया, इन लोगों ने उस पर हमला कर दिया। उसकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिये। बाहर निकालकर हाथ-पैरों पर बेतहाशा चोटें मारीं। उसे मरा हुआ समझकर यह सभी वहां से भाग गये। बता दें कि हरदीप सिंह जीवित था और उसे 108 की एम्बुलेंस ने गजसिंहपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। बाद में उसी रात लगभग डेढ़ बजे श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में हरदीप सिंह की मौत हो गई थी।
बड़ा खुलासा होना बाकी
एनआरआई हरदीप सिंह की हत्या में अभी बड़ा खुलासा होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि मास्टरमाइंड सुरेन्द्र सिंह उर्फ छिन्दा के पकड़ में आने पर
ही यह खुलासा हो पायेगा। अभी तक की जांच-पड़ताल में जो बातें सामने आई हैं, उससे यह पुख्ता रूप से नहीं कहा जा सकता कि इनमें से कौनसा उद्देश्य था हरदीप सिंह की हत्या करने के पीछे। बता दें कि हरदीप सिंह ने दो शादियां कर रखी थीं। तीसरी शादी भी उसने श्रीगंगानगर में जवाहरनगर में रहने वाली एक नर्स से कथित रूप से कर ली थी। इस नर्स से शादी कर लेने का एक हल्फनामा उसकी गाड़ी में ही मिला है। हरदीप सिंह की पहली पत्नी चक 31 एमएल में ही रहती है, जिससे उसके एक पुत्र देवेन्द्र सिंह है, जो अभी विदेश गया हुआ है। उसकी दूसरी पत्नी श्रीगंगानगर में होमलैंड सिटी में रहती है। पुलिस ने बताया कि हरदीप सिंह भी विदेश बार-बार आता-जाता रहता था। वह जब गंगानगर आता था, तो होमलैंड सिटी वाले मकान में ही रहता था, जहां उसके और भी प्लॉट हैं। इनमें से सम्पत्ति का कुछ हिस्सा उसने दोनों पत्नियों के नाम करवा रखा है। इन दिनों गंगानगर प्रवास के दौरान हरदीप सिंह तीसरी शादी करने जा रहा था। अभी पुलिस यकीन-पुख्ता रूप से नहीं बता रही, लेकिन उसकी हत्या का कारण तीन-तीन पत्नियों और कईं ऐसे चक्करों के आसपास ही है। पुलिस ने बताया कि छिन्दा ने यह कांड क्यों करवाया, यह उसके पकड़ में आने पर ही पता चलेगा। हालांकि पुलिस कह रही है कि इस छिन्दा के पीछे भी किसी और शख्स का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता। यह शख्स मकतूल का कोई करीबी होने की प्रबल सम्भावना है। खुद छिन्दा की शोहरत भी अच्छी नहीं है। वह पहले श्रीगंगानगर में होटल-ढाबा चलाता रहा है। शराब ठेकों पर भी वह काम करता रहा है।


correspondent

Sanjay Sethi

Sanjay Sethi

%d bloggers like this: