हम भी गाइड करेंगे, हमें भी लाइसेंस दो

— पढ़े लिखे योग्यताधारी व क्षेत्र का ज्ञान होने के बावजूद सरकार की उपेक्षा का शिकार बेरोजगार
— सफाई अभियान के बाद शांतिपूर्व तरीके से मौन जुलूस निकाल कर सरकार का ध्यानाकर्षण किया
जैसलमेर । यह जिला पर्यटन के लिए विश्वविख्यात हो गया है और यहां हर वर्ष लाखों देशी व विदेशी सैलानी आते हैं जिन्हें गाइड की जरूरत रहती है ।
अधिकृत गाइडों ही मान्य
शुरूआत के दौर में इस क्षेत्र में कम रूची के कारण इस पेशे में गिनती के लोग थे लेकिन शनै:शनै: पर्यटन के क्षेत्र में गाइड का पेशा भी महत्वपूर्ण होता गया और इसमें कुछ अराजक तत्व भी शामिल हो गए तो राज्य सरकार ने इसमें सीमाएं तय कर दी । राज्य सरकार द्वारा अधिकृत गाइडों की सेवाएं ही ली जाने लगी । इसमें भी राज्य सरकार ने किश्तों में लाइसेंस देना शुरू कर दिया जो वर्तमान में रूका हुआ है लेकिन गाइडों का तैयार होना जारी है ।
पात्र युवा लाइसेंस के इंतजार में
जिले व शहर के कई युवाओं को विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के साथ क्षेत्र विशेष का ज्ञान भी है और वे इस पर्यटन क्षेत्र में गाइड रूप में अपने को पहचान दिलाने के साथ रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं । कई युवा गाइड लाइसेंस के लिए पात्र हो सकते हैं लेकिन राज्य सरकार की ओर से लाइसेंस नहीं होने से उन्हें अपमानित होना पड़ रहा है ।
पुलिस की सख्ती
अभी कुछ दिनों से पुलिस विभाग से सख्ताई के साथ छानबीन की गई जिससे इन बेरोजगार युवाओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है और रोजगार से वंचित हुए है ।
विरोध से सरकार का ध्यानाकर्षण
कुछ दिन पूर्व इन्होंने सोनार किले में सफाई अभियान चला कर अनूठे ढंग से विरोध जताया था तो रविवार को मौन जुलूस निकाल कर शांतिपूर्व विरोध जता कर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया कि ‘हम भी गाइड करेंगे, हमें भी लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में शामिल करें ।
विरोध को विदेशी पर्यटकों का साथ
विरोध में विदेशी पर्यटकों का भी साथ देखा गया । इन्होंने भी इन गाइडों की पीड़ा समझी और साथ खड़े हो गए । सभी गाइडों ने ऐसी सद्बुद्धि की राज्य सरकार से भी अपेक्षा की है ।


correspondent

anand m vasu

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