नयी पीढ़ी को भी दें ज्ञान, दान, क्षमा और शील की शिक्षा : मनन

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज समाज सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित 4 दिवसीय समाज सेवियों के सम्मेलन के समापन सत्र में संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि यदि स्वयं में सच्चाई, सफाई और सादगी लायेंगे तो एक खुशहाल जीवन जी पायेेंगे। आपस में प्रेम की भावना रखनी है क्योंकि संगठन से ही किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि स्वयं को पहचानना है। परमात्मा हमें नैतिक मूल्यों का ज्ञान देने आये हंै हम सभी को इसका लाभ लेना चाहिए। आत्म परिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन होगा। आज जीवन में हर कोई सुख-शांति चाहता है। परन्तु भौतिकता की दौड़ उससे दूर लेकर जा रही है। मैं और मेरे का अर्थ जिस दिन इंसान समझ जायेगा उसी दिन से उसके जीवन में सुख और शांति की दस्तक होने लगेगी। यह सम्भव राजयोग से सहज ही होगा। समाज सेवियों को इस पर विचार करना चाहिए। इस अवसर पर राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा कि हम सब को मिलकर इस समाज को आध्यात्मिकता के प्रति जागरूक करना होगा। आज समाज सेवा का अर्थ बदल गया है लोग उसे प्रचार-प्रसार के रूप में लेने लगे हंै। उन्होंने कहा कि हर एक माता-पिता को अपने बच्चों की परवरिश के साथ उसे ज्ञान, दान, क्षमा और शील के बारे में भी शिक्षित करना चाहिए। जिससे वह समाज का जिम्मेदार नागरिक बन सके।


correspondent

DesertTimes.in

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