प्रसाद में रजस्वला का कपड़ा

— बात धर्म और मंदिर की चली तो इस मंदिर का भी जिक्र हुआ... जयपुर | बात धर्म और मंदिर की चली तो इस मंदिर का भी जिक्र हुआ | यह मंदिर आसाम राज्य में स्थित है। नाम है कामाख्या मंदिरजहां भक्तों को प्रसाद में रजस्वला का कपड़ा दिया जाता है। अमूनन अगर सड़क पर या किसी और जगह कोई सेनेटरी पैड या पीरियड्स का कपड़ा पड़ा दिख जाए तो हमें घिन आ जाती है, उसे छूना तो दूर की बात,गंदे कपड़े पर नज़र पड़ते ही हम सामने से मुंह फेर कर रास्ता बदल लेते हैं, है न?लेकिन क्या आपको पता है कि मां कमाख्या के रजस्वला कपड़े को भक्तों में प्रसाद के रुप में दिया जाता है । अम्बुवाची वस्त्र दरअसल, जब मां को तीन दिन का रजस्वला होता है, तो उस दौरान सफेद रंग का कपडा मंदिर के अंदर बिछा दिया जाता है । तीन दिन बाद जब मंदिर के दरवाजे़ खुलते हैं, तो वो कपड़ा पूरी तरह रक्त से भीगा होता है । इस कपड़े को अम्बुवाची वस्त्र कहते है । इसे ही भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता हैं । कहते हैं मां के रज से भीगा कपड़ा प्रसाद में किस्मत वालों को नसीब होता है ।

Desert Time

correspondent

anand m vasu

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