गुलाबी शहर में बही संगीत सरिता

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— जेकेके में हुई भारतीय शास्त्रीय एवं राजस्थानी लोक संगीत की शानदार प्रस्तुति
जयपुर । गुलाबी शहर का कला एवं संस्कृति का केंद्र जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक ग्रुप ‘कहरवा फ्यूजन’ बैंड द्वारा शानदार प्रस्तुतियां दी गई। बैंड द्वारा पश्चिमी संगीत के रंगों के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं रंगारंग राजस्थानी लोक संगीत का अनूठा मिश्रण पेश कर जयपुरवासियों का भरपूर मनोरंजन किया।
लोकगीत ‘गोरबन्द‘ की विशेेष प्रस्तुति
प्रसिद्ध तबला वादक, डाॅ. विजय सिद्ध की परिकल्पना एवं निर्देशन में यह प्रस्तुति सूफी रचनाओं पर आधारित थी। सिन्ध भैरवी पर आधारित बुल्लेशाह का सूफी कलाम ‘अन्तबहार दी खबर न जानी‘, कबीर दास की सूफी रचना ‘मन न रंगाये कपड़ा रंगाये‘ एवं लोकगीत ‘हिचकी‘, राग जोग पर आधारित बुल्लेशाह का सूफी कलाम ‘इश्क में सर न दिया‘, राग भूपाली में सूफी रचना ‘तू करीम करतार जगत को‘ एवं लोकगीत ‘गोरबन्द‘ की विशेेष प्रस्तुति की गई।
इनकी भी प्रस्तुति
कार्यक्रम में तबले पर डाॅ. विजय सिद्ध, गायन पर डाॅ. विजयेन्द्र गौतम एवं उस्ताद बुन्दु खां लंगा, मोरचंग एवं भपंग पर रईस खां, वायलिन पर गुलजार हुसैन, गिटार पर तेन्जिंग लामा, ड्रम पर धर्मेष डिगवाल, की-बोर्ड पर मोहम्मद फैजान, ढोलक पर सदीक खां, खड़ताल पर सोनू खां ने प्रस्तुति दी।


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