चित्तोड़ में रसीले फल स्ट्रोबेरी की खेती

— जिले के प्रगतिशील कृषक जगदीश प्रजापत का 6 वर्षाें से प्रयास
— प्रतिवर्ष 6 से 7 बीघा जमीन में स्ट्रोबेरी की खेती
चित्तौड़गढ़ । राजस्थान की धरती पर रसीले फल स्ट्रोबेरी की खेती होने लगी है । जिले में प्रतिवर्ष 6 से 7 बीघा जमीन में स्ट्रोबेरी की खेती हो रही है | समाज के उच्च वर्ग तक सीमित यह रसीला अब सामान्य एवं मध्यम वर्ग तक आसानी से पहुंचेगा । रेगिस्तानी की धरती पर इस रसीले फल स्ट्रोबेरी की खेती करने का कारनामा उदयपुर सम्भाग के चित्तौड़गढ़ जिले के प्रगतिशील कृषक जगदीश प्रजापत ने किया है जो विगत 6 वर्षाें से प्रयासरत है।
कुछ नया करने की ठानी
निम्बाहेड़ा तहसील की ग्राम पंचायत बांगरेड़ा-मामादेव में जगदीश पुत्र मांगीलाल प्रजापत ने कुछ नया करने की ठानी। आरंभ में उन्होंने लगभग 10 बीघा जमीन में स्ट्रोबेरी के पौधे रोपे। स्थानीय जलवायु और मिट्टी-पानी पौधों को रास आ गई तो उनका आत्म विश्वास भी बढ़ गया। शुरूआती दौर में हुई गलतियों से सबक लेते हुए प्रजापत प्रतिवर्ष 6 से 7 बीघा जमीन में स्ट्रोबेरी की खेती कर रहे हैं। बांगरेड़ा मामादेव जैसे छोटे से गांव में पैदा हुई स्ट्रोबेरी ना केवल जयपुर वरन दिल्ली, अहमदाबाद जैसे महानगरों तक जा रही है।


correspondent

DesertTimes.in

DesertTimes.in

%d bloggers like this: