जयपुर में आज की शाम खास, खिलेगा गुलजार का गुलदस्ता

— खिलेगा गुलजार की नज्मों-गीतों का गुलदस्ता
— शब्दों की कल कल करती गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में गोते लगवाएंगे
जयपुर । यहां आज की शाम शहर के लोगों के लिए खास होगी जब गुलजार की नज्मों व गीतों से बहार आएगी । शाम ढलते ही शहर की फिजा गुलजार की नज्मों और गीतों में समाए अनुभूतियों के अथाह समंदर की लहरों से ठीक उसी तरह भीग जाएगी, जैसे ज्वार भाटे के बाद समंदर का किनारा। मीडिया की ओर से बिड़ला ऑडिटोरियम में एक विशेष आयोजन के तहत शाम ‘गुलजार’ का प्रोग्राम रखा गया है । कार्यक्रम में गुलजार, वरिष्ठ कवि केदारनाथसिंह के साथ शहरवासियों को शब्दों की कल कल करती गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में गोते लगवाएंगे।
विमोचन होगा
इस खास मौके पर वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित गुलजार की गजलों की पहली किताब ‘कुछ तो कहिए’ का वरिष्ठ कवि केदारनाथसिंह विमोचन करेंगे। साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित केदार नाथ सिंह ने कई कविताएं और किताबें लिखी हैं।
दिग्गजों से रूबरू होने का मौका
शहरवासियों के लिए इन दोनों दिग्गजों से रूबरू होने का यह यादगार मौका होगा। गुलजार सूफियाना किस्म का रंग लिए हुए एक शायर और अफसानानिगार भी हैं। उन्होंने एक ऐसी परंपरा की शुरुआत की, जिसने हिंदी और उर्दू के दो आबे को कहीं एक धरातल पर संभव कर दिखाया है।
लोगों में भारी उत्साह
कार्यक्रम में स्थान की उपलब्धता भी ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर होगी। पाठकों के भारी उत्साह को देखते हुए ऑडिटोरियम के बाहर भव्य एलईडी बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। पार्किंग की व्यवस्था होटल हवेली में होगी।


Desert Time

correspondent

Hemant Bhati

Hemant Bhati

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