14 जिलों में पेयजल संकट, सरकार के लिए चुनौती

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— पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य सचिव जलदाय विभाग अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे
जयपुर । राजस्थान के 33 जिलों में से 14 जिलों में पेयजल संकट आसन्न है । इन जिलों में कमजोर मानसून के चलते पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है । मानसून विदा हो गया है लेकिन इन 14 जिलों में पानी का संकट खड़ा हो गया है ।
सरकार के लिए चुनौती
प्रदेश के 14 जिलों में पेयजल संकट की स्थिति से निपटना एक ओर जहां राज्य सरकार के लिए चुनौती बन गया है । वहीं दूसरी ओर पेयजल स्त्रोतों के अभाव में जलदाय विभाग अधिकारियों के अभी से हाथ-पांव फूलने लग गए हैं । पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य सचिव गुरूवार को जलदाय विभाग अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे ।
ये हैं 14 जिले
प्रदेश के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक जिले में इस बार मानसून के दौरान औसत से काफी कम बारिश हुई है । यहां पर 20 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश होने से अभी से पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है । बारिश कमजोर होने से इन जिलों के अधिकांश बांधों में पानी नहीं आने से जलदाय विभाग की कई योजनाएं अभी से दम तोड़ने लगी हैं ।

 

 

correspondent

Hemant Bhati

Hemant Bhati

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