विश्व बालिका दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान टीम ने की दिल्ली में कार्रवाई

-चिकित्सक सहित तीन गिरफ्त में, दो महिला दलाल भी पकड़ी -पीसीपीएनडीटी टीम ने किया डिकॉय ऑपरेशन -450 किलोमीटर पीछा कर पकड़ लाए भू्रण लिंग जांचने वालों को श्रीगंगानगर। राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से कन्या भू्रण हत्यारों और भू्रण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। इस बार टीम ने दीपावली पर बड़ा धमाका करते हुए देश की राजधानी दिल्ली में धावा बोला और महिला चिकित्सक व दलाल सहित तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने एमडी चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, महिला दलाल ललिता व पुत्रवधु सोनिया कौर को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी लंबे अर्से से इस धंधे में लिप्त थे। कार्रवाई की खास बात ये भी रही कि स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मिशन निदेशक नवीन जैन और कार्रवाई के निर्देशक एएसपी रघुवीर सिंह स्वयं दिल्ली में मौजूद रहे। बहरहाल, आरोपियों को गिरफ्तार कर श्रीगंगानगर लाया जा रहा है, जिनसे पूछताछ कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। राज्य समुचित प्राधिकारी व एमडी नवीन जैन ने बताया कि राजस्थान में हो रही लगातार कार्रवाई की वजह से टीम को श्रीगंगानगर एरिया के मुखबिरों के जरिए सूचना मिल रही थी कि कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को हरियाणा व दिल्ली ले जाकर भू्रण लिंग जांच करवा रहे हैं। राजस्थान में हुई कार्रवाईयों के बाद दलालों की दाल गलनी मुश्किल हो गई थी, जिस कारण अब इन्होंने दूसरे राज्यों का रुख किया। लेकिन टीम भी इन पर लगातार नजर रखे हुए थी और मुखबिरों के संपर्क में रही। मुखबिर के जरिए ही सूचना मिली कि गोलूवाला निवासी महिला दलाल ललिता श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ से गर्भवती महिलाओं को दिल्ली ले जाकर भू्रण लिंग जांच करवा रही है। पुष्टि के लिए टीम सदस्य पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने इस कार्यवाही से पहले गोलूवाला व दिल्ली जाकर रैकी करते हुए मामले की विस्तृत जानकारी एकत्रित की और इसके बाद टीम गठित कर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। टीम सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गई और मंगलवार सुबह डमी गर्भवती महिला के जरिए दलाल ललिता से हरियाणा के बहादुरगढ़ में संपर्क किया। जहां से दलाल व उसकी पुत्रवधु महिला को दिल्ली के पटेल नगर स्थित किरण डायग्रोस्टिक सेंटर ले गई। यहां चिकित्सक डॉ. अशोक गुप्ता ने जांच कर गर्भ में बेटी होना बताया और चिकित्सक व दलालों ने महिला से पैसे लेकर आपस में बांट लिए। इसके बाद इशारा मिलते ही टीम ने चिकित्सक व दलालों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी रघुवीर सिंह के निर्देशन में गठित इस टीम का नेतृत्व सीआई हरिनारायण शर्मा व अरूण चौधरी ने किया, जिसमें हैड कांस्टेबल डालचंद, देवेंद्र सिंह, लालचंद मीणा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व राज्य आईईसी सलाहकार नवलकिशोर व्यास शामिल रहे। वहीं बतौर सहयोगी विशाल बिश्रोई, इंद्र यादव, कैलाश दिनोदिया व किरण देवी टीम में थे। वहीं दिल्ली टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसमें स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सत्यजीत कुमार एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सौहार्द नाथ मौजूद रहे। एमडी जैन ने दिल्ली टीम का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में भी दोनों टीमें मिलकर ऐसे घिनौना कृत्य करने वालों की धरपकड़ जारी रखेंगे। खुलम-खुल्ला भू्रण लिंग जांच का खेल श्रीगंगानगर टीम को मुखबिर के जरिए जब पहली बार सूचना मिली तो एकबारगी यकीन नहीं हुआ कि देश की राजधानी में यह घिनौना खेल खुलम-खुल्ला चल रहा है। लिहाजा सूचना की पुष्टि करने के लिए रणदीप सिंह व विनोद बिश्रोई दिल्ली गए और पुष्टि करते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया। इसके बाद दलाल से हुई लगातार बातचीत में पता चला कि धंधा बदस्तूर सरेआम किया जा रहा है। चिकित्सक व दलाल ने यहां तक दावा कि वे एक-एक करके नहीं, बल्कि दो-चार गर्भवती महिलाओं को एक साथ लाओ कहीं, कोई परेशानी नहीं होगी। यही नहीं चिकित्सक जब भी विदेश या अन्य जगहों पर होता तो स्थानीय दलाल को पहले सूचना दी जाती कि डॉक्टर साहब अब दिल्ली में नहीं है लिहाजा गर्भवती महिलाओं को अब न लेकर आएं। बेटियों के लिए जारी है महाअभियान, श्रीगंगानगर टीम की दसवीं कार्रवाई टीम ने पहली कार्रवाई कथित चिकित्सक सुखाडिय़ानगर निवासी कंवलजीत बराड़ पर की, जिसे अपंजीकृत मशीन के साथ पकड़ा। इसमें पंजाब की दलाल जनकरानी भी गिरफ्त में आई। दूसरी कार्रवाई दिसंबर 2016 लालगढिय़ा हॉस्पीटल में की, जहां से हॉस्पीटल के स्टाफ अमर मेघवाल को गिरफ्तार किया। तीसरी कार्रवाई 23 फरवरी 2017 को जिला मुख्यालय पर करते हुए पंजाब निवासी दलाल हरजिंद्र सिंह, धमेंद्र सिंह और टिब्बी निवासी पवन कुमार जाट को पकड़ा। बाद में तलाश कर मुख्य आरोपी रमन बतरा को पकडक़र जेल भेजा। चौथी कार्रवाई रायसिंहनगर में 17 मार्च 2017 को हुई, जिसके तार पंजाब तक पहुंचे। टीम ने रायसिंहनगर से पीछा करते हुए फिरोजपुर जिला मुख्यालय से पंजीकृत मशीन के साथ दलाल अमनदीप सिंह, संदीप कौर व चिकित्सक संदीप सिंह को गिरफ्तार किया। इस मामले में रायसिंहनगर के न्यू महावीर नर्सिंग होम के चिकित्सक अशोक गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया। पांचवी कार्रवाई छह अपे्रल 2017 को जिला मुख्यालय के अशोक नगर में हुई, जहां नर्स व कथित चिकित्सक रेखा, नेतेवाला निवासी दाई बिमलादेवी, दलाल राकेश मेघवाल व जयलाल मेघवाल और सहयोगी ममता उर्फ शांति सिंधी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया। छठी कार्रवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के मुक्तसर में की। जहां एमडी डॉक्टर श्याम सुंदर गोयल, दलाल सुखदेव सिंह, बलविंद्र सिंह व महिला दलाल रीटा को गिरफ्तार किया है। वहीं मुक्तसर स्थित बोम्बे सोनोग्राफी सेंटर से मशीन भी जब्त की। सातवीं कार्रवाई 17 जून को हनुमानगढ़ में करते हुए दलाल सुरजीत पुत्र रेशम सिंह निवासी अमरपुरा थेड़ी और लैब से दूसरे दलाल सतनात सिंह पुत्र गुरदीप सिंह रायसिख निवासी सुरेशिया को गिरफ्तार किया। तीसरा दलाल अमृतपाल कुछ दिन फरार रहा, लेकिन टीम ने पीछा कर इसे भी अगस्त में गिरफ्तार कर लिया। आठवीं कार्रवाई अगस्त के पहले सप्ताह में मुक्तसर में की, जहां से चिकित्सक जगदीश सचदेवा, दलाल सुखवंत कौर व पति राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर सोनोग्राफी मशीन को जब्त किया। कार्रवाई का लगातार कारवां जारी रखते हुए अगस्त के दूसरे सप्ताह में टीम ने नौ वां डिकॉय घड़साना में किया। जहां श्रीराम हॉस्पीटल के स्टाफ बुधराम पुत्र भंवरलाल नायक निवासी दो एसटीआर, आरएमपी हरपाल बावरी और उसकी नर्स पत्नी सिमरन को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। बहरहाल, टीम लगातार डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम दे रही है।

correspondent

Sanjay Sethi

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