44 साल बाद छलकी झील किनारे दीप यज्ञ और महाआरती

— उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी की पदयात्रा की पूर्व संध्या पर झील तट पर पसरा उल्लास का दरिया, राजसमन्द झील की पूजा-अर्चना, दीपयज्ञ एवं महाआरती के मनोहारी दृश्यों ने बिखेरा आकर्षण
— उच्च शिक्षा मंत्री ने पदयात्रा में अधिकाधिक हिस्सेदारी के लिए किया आह्वान
राजसमन्द । राजसमन्द झील के द्वारिकाधीश छोर पर स्थित जलधरा घाट पर गुरुवार की सांझ उल्लास भरी रही जब उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी द्वारा राजसमन्द झील भर जाने की मन्नत पूरी हो जाने पर द्वारिकाधीश से चारभुजाजी तक की पदयात्रा की पूर्व संध्या पर किरण माहेश्वरी ने झील की पूजा-अर्चना के बाद दीप यज्ञ किया और महाआरती की।
दीपदान और महाआरती
सांसद हरिओमसिंह राठौड़, विधायक द्रोपति मेघवाल, नगर परिषद सभापति सुरेश पालीवाल, उप सभापति अर्जुन मेवाड़ा, भंवरलाल शर्मा, महेन्द्र टेलर सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, अन्य जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, झीलप्रेमियों व बड़ी संख्या में शहरवासियों के साथ दीपदान किया, महाआरती उतारी और झील का पूजन-अर्चन किया। यह आयोजन गायत्री शक्तिपीठ एवं महिला मंच की ओर से किया गया। झील के तट पर महाआरती ने हर की पौड़ी और ऋषिकेश में होने वाली महाआरतियों की याद दिला दी।
पदयात्रा में अधिकाधिक हिस्सेदारी निभाएं
उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में राजसमन्द झील छलकने को ऎतिहासिक बताया और कहा कि जन-जन की दिली आस्थाओं से जुड़ी राजसमन्द झील प्रभु कृपा से 44 साल बाद छलकी है और इसके लिए 6 सितम्बर को द्वारिकाधीश से चारभुजाजी पदयात्रा आयोजित है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा में शामिल होने का आग्रह किया।
म्यूजिक सीडी का विमोचन
उच्च शिक्षा मंत्री ने संकल्प से सिद्धि पर केंद्रित म्यूजिक सीडी का विमोचन किया। गायक कलाकार नानालाल पालीवाल (तासोल), उदयलाल व्यास एवं दिलीप पालीवाल आदि ने किया है जबकि संकलनकर्ता सत्यनारायण पूर्बिया हैं। इस सीडी निर्माण में नर्बदाशंकर पालीवाल एवं मुकेश श्रीमाली (तासोल) का विशेष सहयोग रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री ने इस प्रयास की सराहना की और सभी का स्वागत किया।


correspondent

DesertTimes.in

DesertTimes.in

%d bloggers like this: