बुजुर्गों का आदर करना भारतीय संस्कृति की अहम परंपरा : माहेश्वरी

-वरिष्ठ नागरिक संस्थान के तत्वावधान आयोजित हुआ कार्यक्रम
-मंत्री ने कहा कि सेवा एवं श्रद्धा के संस्कारों का पुनर्जागरण किया जाये

राजसमन्द । राजसमन्द जिला मुख्यालय स्थित तुलसी साधना शिखर में रविवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता दिवस एवं समाज कल्याण सप्ताह शुरू होने के अवसर पर विभाग तथा राजस्थान वरिष्ठ नागरिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि बुजुर्गों का आदर करना भारतीय संस्कृति की अहम परंपरा है।

उच्च क्षिक्षा मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण व संरक्षण के लिए संचालित योजनाओं खासकर तीर्थ यात्रा योजना पर प्रकाश डाला और इनका लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने बुजुर्गों के लिए राजसमन्द में सुकूनदायी माहौल उपलब्ध कराने की दृष्टि से नगर परिषद के दो-तीन सामुदायिक भवनों में रिक्रियेशन सेंटर स्थापित करने के भी निर्देश नगर परिषद को दिए।

32 लोगोंं का किया सम्मान
इस अवसर पर 32 वृद्धजनों को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय दीर्घकालीन सेवाओं के लिए उपरणा एवं शॉल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों व वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में वृद्धजनों की सेवा तथा उनके ज्ञान एवं अनुभवों का लाभ लेकर जीवन सुधार एवं व्यक्तित्व विकास में जुटने का आह्वान किया।

समारोह में अतिथियों के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, सांसद श्री हरिओमसिंह राठौड़, जिला कलक्टर श्री पीसी बेरवाल, नगर परिषद सभापति श्री सुरेश पालीवाल, विधि विशेषज्ञ श्री बसन्तीलाल बाबेल, जान-माने चिकित्सक डॉ. जे.के. छापरवाल, वरिष्ठ नागरिक संस्थान के अध्यक्ष श्री कल्याणमल विजयवर्गीय, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव श्री राजकुमार दक, शिक्षाविद् श्री राकेश तैलंग, सामाजिक चिन्तक सर्वश्री कन्हैयालाल त्रिपाठी, भंवरलाल वागरेचा, रामसहाय, चतुर कोठारी आदि उपस्थित थे।


correspondent

DesertTimes.in

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