बिना बैटरी के ही सोलर उर्जा का से जलेगी लाईटें, अभिनव प्रयास

-1400 यूनिट बिजली का प्रतिवर्ष उत्पादन होगा
-136 टन कार्बन डाई आक्साईड की प्रतिवर्ष उत्सर्जित होने से बचेगी
-5 साल में निकल जाएगी लागत

आबू रोड। वैसे तो सौर उर्जा के कई विकल्प है, जिससे लाईटे जलती है और मशीने चलती है। परन्तु उसके लिए जो सौर उर्जा उपयोग में लाई जाती है उसमें सोलार पैनल के साथ बैटरी भी होती है। जिसके द्वारा होती हुई बिजली मशीन और लाईट को संचालित करती है। परन्तु एक अभिनव प्रयोग ने इस क्षेत्र में नयी इबारत लिखी है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर काला मगरा के समीप ब्रहकुमारीज संस्था द्वारा नवनिर्मित ज्ञानामृत प्रेस के छत पर सोलार हाईब्रिड सिस्टम का उपयोग किया गया है। जिसके तहत बिजली का प्रोडक्शन तो हो रहा है लेकिन उसमें बिना बैटरी के ही डायरेक्ट उर्जा पैदा हो रही है।

इस प्लांट का उदघाटन ब्रह्माकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयेागिनी दादी जानकी, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयेागिनी दादी रतनमोहिनी, महासचिव बीके निर्वेर, ज्ञानामृत भवन के निदेशक बीके आत्मप्रकाश, ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, बिजली विभाग के प्रभारी बीके सुधीर, अभियन्ता बीके भरत समेत कई लोगों के कर कमलों से किया गया।

प्रत्येक पैनल से 335 वाट की क्षमता होगी

सौ किलोवाट बिजली पैदा करने वाले इस प्लांट से सरप्लस उर्जा ग्रिड में चली जाती है। इससे जहॉं बिजली की बचत होती है वहीं पर्यावरण प्रदूषण से भी मुक्ति मिलती है। इसके उपयोग से 136 टन कार्बन डाई आक्साईड की प्रतिवर्ष उत्सर्जित होने से बच जाती है। कम कार्बन डाई उत्सर्जन में ही 1400 यूनिट बिजली का प्रतिवर्ष उत्पादन होगा। इस प्लांट को रिन्यूऐबल एनर्जी कार्पोरेशन के टवीन पीक 72 सीरीज के सोलार पैनल के प्रयोग किये गये हैं। प्रत्येक पैनल से 335 वाट की क्षमता है।

यदि सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाये तो 4 से 5 वर्ष में इसके लागत का पैसा निकल जायेगा। इसके साथ ही बीस वर्ष तक बिजली पैदा की जा सकेगी। इस अवसर पर शांतिवन प्रबन्धक बीके भूपाल, कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी, बीके दिनेश, बीके धर्मपाल, बीके मोहन, बीके जगदीश समेत कई लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।

correspondent

bk komal

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