राजस्थान पुलिस बचा रही है हनीप्रीत को : डीजीपी

– हरियाणा पुलिस ने लगाया राजस्थान पुलिस पर प्रश्नचिह्न
श्रीगंगानगर। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की कथित मुंंहबोली बेटी और उसकी सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत के फरारी के बहुचर्चित मामले में हरियाणा पुलिस के महानिदेशक बीएस संधू ने शनिवार को राजस्थान पुलिस को कटघर में खड़ा कर दिया। डीजीपी बीएस संधू ने राजस्थान पुलिस पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि हनीप्रीत को बचाने में राजस्थान पुलिस पर शक है। शनिवार को हरियाणा के फतेहबाद में पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करने के बाद प्रेस वार्ता में डीजीपी बीएस संधू ने पंचकूला में राजस्थान पुलिस के जवानों को नोटिस दिये जाने हवाला देते हुए कहा कि गुरुसर मोडिया (श्रीगंगानगर) राजस्थान में है। वहां की कार्रवाई राजस्थान पुलिस की ही बनती है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि गुरुसर मोडिया में सर्च ऑप्रेशन के दौरान मौजूद दिखी जैड सिक्योरिटी के जवानों में हरियाणा पुलिस का कोई जवान शामिल नहीं था। वहीं हनुमानगढ़ स्थित अपने रिश्तेदारों के यहां हनीप्रीत के पहुंचने और वहां रुकने के दौरान उसके साथ मौजूद सिक्योरिटी के सवाल पर भी डीजीपी ने स्पष्ट किया कि उसकी सुरक्षा में कोई भी जवान हरियाणा पुलिस का नहीं है। प्रेस वार्ता में डीजीपी बीएस संधू ने सीधे-सीधे राजस्थान पुलिस को कटघर में खड़ा कर दिया। इससे यह भी जाहिर होता है कि हरियाणा-राजस्थान की पुलिस में आपसी तालमेल की कमी है। डीजीपी संधू के बयान से जाहिर हो रहा है कि राजस्थान पुलिस हनीप्रीत के मामले में हरियाणा पुलिस को सहयोग नहीं कर रही। हनुमानगढ़ में अपने रिश्तेदारों के घर दो दिन तक रुकने और फिर गुरुसर मोडिया में भी तीन दिन तक हनीप्रीत के छिपे रहने की खबरों से हरियाणा पुलिस के डीजीपी के बयानों से इस बात को बल मिलता है।

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में ली थी शरण


हरियाणा में फतेहबाद की निवासी हनीप्रीत, विगत 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख को साध्वी देहशोषण प्रकरणों में दोषी
करार दिये जाने पर चॉपर में डेरा प्रमुख के साथ ही रोहतक के समीप सुनारिया जेल तक गई थी। वहीं से रात को वह सिरसा डेरे में पहुंची। इस
डेरे में वह 28 अगस्त की शाम तक रही। इसी दिन अपराह्न डेरा प्रमुख को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इसके कुछ देर बाद ही हनीप्रीत डेरे से गायब हो गई। इसके बाद वह हनुमानगढ़ में अपने भाई के ससुराल में पहुंची। 29 अगस्त की शाम को वह यहां से भी निकल गई। इसके बाद हनीप्रीत के बारे में बड़ा खुलासा पंचकूला सहित हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के बाद भड़़की हिंसा की जांच और इसके दोषियों को पकडऩे के लिए गठित किये गये विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा परसों गुरुवार को अचानक गुरुसर मोडिया में सर्च ऑप्रेशन चलाने के बाद हुआ है। इस सर्च ऑप्रेशन में गुरुसर मोडिया में डेरा द्वारा संचालित स्कूल व हॉस्पीटल स्टाफ से एसआईटी के अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की, जिसमें पता चला कि हनीप्रीत 29 की रात से लेकर एक सितम्बर की रात तक गुरुसर मोडिया में गल्र्स हॉस्टल में छात्रा बनकर ठहरी थी। 1 सितम्बर की रात को वह यहां से निकल गई थी। इसके बाद हनीप्रीत 9-10 सितम्बर की रात को हनुमानगढ़ जिले में संगरिया थाना क्षेत्र के गांव किशनपुरा उत्तराधा में एक डेरा समर्थक के घर भी तीन-चार घंटे रुकी। गत 29 अगस्त की देर शाम को हनुमानगढ़ से हनीप्रीत तब गायब हुई, जब हरियाणा में हिंसा को लेकर दर्ज किये गये मुकदमे में उसे भी नामजद किया गया। इसके बाद हनीप्रीत को पकडऩे के लिए लुकआउट नोटिस भी हरियाणा पुलिस की ओर से जारी किया गया। 29 अगस्त की शाम तक हनीप्रीत बेफिक्र थी, लेकिन मुकदमे दर्ज होने व लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद से वह भूमिगत है। इसके बाद हनीप्रीत का श्रीगंगानगर और फिर हनुमानगढ़ जिले में शरण लेना, इसकी दोनों जिलों की पुलिस को भनक तक नहीं लगने के कारण ही माना जा सकता है कि हरियाणा पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी राजस्थान पुलिस को कटघर में खड़ा कर रहे हैं।

हनीप्रीत कैसे पहुंची गुरुसर मोडिया

विगत 25 अगस्त को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिये जाने से पहले ही ऐहतियातन उनके पैतृक गांव गुरुसर मोडिया में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़
जिलों की पुलिस संयुक्त रूप से तैनात कर दी गई थी। इस गांव में आने-जाने के सभी मार्गांे पर नाके लगा दिये गये और हर आने-जाने वाले की कड़ी
चैकिंग की जा रही थी। ऐसे में 29 अगस्त की रात को हनुमानगढ़ में अपने भाई के ससुराल से हनीप्रीत गुरुसर मोडिया में लड़कियों के हॉस्टल में कैसे
पहुंच गई, यह अब एक बड़ा सवाल बन गया है। हरियाणा पुलिस ने आज यह इशारा भी किया है कि राजस्थान पुलिस में डेरा के प्रति भक्तिभाव रखने वाले अनेक कर्मचारी हैं। सम्भवत: उन्होंने अंदरखाने कोई मदद की होगी। बता दें कि गुरुसर मोडिया में अभी भी पुलिस तैनात है, जो आने-जाने वालों पर नजर रखती है, लेकिन हनीप्रीत वहां आई और फिर निकल गई, यह बात वहां तैनात की गई पुलिस की पोल को खोलती है।

पवन और आदित्य भी उतने ही वांछित

प्रेस वार्ता में डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि पंचकूला हिंसा को लेकर डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रवक्ता डॉ. आदित्य इंसां और पवन इंसां भी उतने ही
वांछित हैं, जिनती हनीप्रीत है। उन्होने बताया कि अभी तक 1100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभी भी बड़ी संख्या में इस हिंसा के जिम्मेवार लोग
वांछित हैं। आदित्य, पवन और हनीप्रीत के लिए तो इंटरनेशनल अलर्ट जारी किया गया है। अगर यह तीनों निर्दाेष हैं, तो फिर इनको पुलिस के सामने आ जाना चाहिए। अन्यथा इनको अदालत के जरिये भगौड़ा घोषित करवाने और इनकी चल-अचल सम्पत्तियों को अटैच करवाने की कार्रवाई की जायेगी। डीजीपी संधू ने कहा कि पंचकूला व हरियाणा में अन्य स्थानों पर हुई हिंसा की घटनाओं में हरियाणा पुलिस के जो भी जवान संलिप्त पाये गये हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। दूसरे राज्यों की पुलिस के जवानों पर भी यही कार्रवाई हुई है। बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का एक सिक्योरिटी गार्ड,
राजस्थान पुलिस का एक सिपाही भी था। हनुमानगढ़ निवासी सिपाही ओमप्रकाश बुडानिया को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया है।

डेरा गतिविधियों पर नजर

डीजीपी संधू ने कहा कि हनीप्रीत के छिपने के सम्भावित ठिकानों का पता लगाने के लिए सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम से जेल में पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कहा कि डेरा की गतिविधियों पर अभी भी पुलिस की नजर है। डेरे में रह रहे जिन लोगों ने लाइसेंसी हथियार जमा नहीं करवाये हैं, उनके लाइसेंस कैंसिल कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।


correspondent

Sanjay Sethi

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