किसानों के चक्काजाम से सीकर में कर्फ्यू, सड़कें वीरान, आंदोलन जारी

-1500 सुरक्षाकर्मी तैनात
-1500 स्थानों पर चक्का जाम
– अब तक 40 करोड़ रुपए का कारोबार

सीकर।  विभिन्न मांगों को लेकर किसानों द्वारा किए जा रहे महापड़ाव के तहत शेखावाटी जनपद में दूसरे दिन भी चक्का जाम रहा। चक्का जाम होने से शेखावाटी के सभी जिले प्रभावित हुए। कर्ज माफी सहित 11 मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का चक्काजाम दूसरे दिन भी जारी रहा। दो दिन तक चक्काजाम होने के चलते आमजन को भारी परेशानी हो रही है।हालांकि शाम को किसानों के प्रतिनिधिमण्डल और सरकार के बीच वार्ता शुरू हो गई, लेकिन देर शाम तक वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके कारण समाचार लिखे जाने तक शेखावाटी के सभी जिलों में चक्का जाम जारी था। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और किसानों के कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान सभा के आंदोलन के 12वें दिन मंगलवार को भी जिले में चक्का जाम के आह्वान पर वाहनों के पहिए थम गए। अब तक 40 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो चुका है।

इससे जनजीवन ठहरा

जिले में करीब 1500 स्थानों पर किए गए चक्का जाम का व्यापक असर रहा और एक भी वाहन न तो शहर में प्रवेश कर पाया और ना ही शहर से बाहर जा पाया। प्रशासन की ओर से जयपुर रोड, सिल्वर जुबली रोड, कल्याण सर्किल व कलेक्ट्रेट आदि स्थानों पर भारी पुलिस जाब्ता एवं जयपुर से बुलाई गई स्पेशल टास्क फोर्स, आरएसी, कोबरा टीम, आसपास के जिलों के 1500 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के लिए व्रज वाहन, केनन, एंबुलेंस आदि आपातकालीन सुविधाओं की व्यवस्था रही।

12वें दिन भी जारी

किसानों के महापड़ाव के 12वें दिन भी लोग दिन भर आंदोलन व उसके प्रभाव पर चर्चा करते रहे। इस दौरान आंदोलन स्थल के आसपास तमाशबीनों की भीड़ जुटती रही। वहीं बाजारों में प्रतिष्ठान तो खुले, लेकिन खरीदारी के लिए लोग नहीं पहुंचने पर दोपहर तक दुकानदारों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। इससे बाजार सुने नजर आए। चक्का जाम का दूसरे दिन भी व्यापक असर रहा। किसान सभा ने जिले में करीब 1500 स्थानों पर चौकियां बनाकर मुख्य मार्गो व राजमार्गो पर चक्का जाम किया। दूसरे दिन भी चक्का जाम के चलते शहर में आॅटो व सिटी बस नहीं चले। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान सभा के चक्का जाम के आह्वान पर जिला मुख्यालय पर स्कूल कॉलेज बंद रहे। इस दौरान निजी स्कूल संचालकों ने स्कूल कॉलेज बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।


correspondent

DesertTimes.in

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