कोमी एकता की मिशाल पेेश कर हज यात्रियो को दी विदाई

हज यात्रियों को विदाई देते शहर के गणमान्य लोग

आबूरोडl इस्लाम मजहब के पांच फर्जो मे से एक हज मुबारक फर्ज है। इस्लाम धर्म के पैगम्बर ने अल्लाह के फरमान के मुताबिक हर मुस्लमान पर अपने पूरे जीवन मे अपने सब जिम्मेदारीयों का निर्वाह करने के बाद हज यात्रा जरूर करनी चाहिए।
हज की मुबारक यात्रा पर इस वर्ष शहर से 13 यात्री हज की मुबारक यात्रा के लिए जा रहे है जिनमे से पहला जत्था शनिवार को सुबह आबूरोड से रवाना हुआ। हज पर जाने वाले यात्रियो को मुस्लिम समाज के साथ सभी समाजो के लोगो ने फुल माला पहनाकर कोमी एकता की मिशाल पेश करते हुये उनको रवाना किया। जिला हज कमेटी सदस्य हाजी शफी अशरफी ने बताया की राजस्थान सरकार द्वारा हज पर जाने के लिए पहला जत्था जिसमे वाजीद अली, दिलशाद बानो, बतुल बानो को मुस्लिम समाज व अन्य समाजो व शहर के गणमान्य नागरिको द्वारा स्वागत कर भावभीनी विदाई दी। शनिवार को छोटी मस्जिद के बहार हाजीयो का समाज के अलावा अन्य समाजो ने फूल माला पहना कर स्वागत किया गया व उनके शुभ यात्रा की दुआएं मांगी गई। उसके बाद सभी यात्रा पर जा रहे हाजीयो को जुलुस के रूप मे समाज के लोग छोटी मस्जिद, सदर बाजार होते हुए रेल्वे स्टेशन स्थित भोले शाह बाबा की दरगाह पर पहुँचे। इस अवसर पर कदीर कुरेशी, हाजी जहुर, सलीम खान पठान, लईक अहमद, मोहम्मद जुनैद आदिल, शोकत नागौरी, रूस्तम भाई, मुकेश अग्रवाल, शैलेन्द्र सिंह राठौड, अमित बंसल, चेतन अग्रवाल, रहीम बक्श कुरेशी, हाजी जहूर, नायब सदर आजाद कायमखानी, गरीब मोहम्मद, हाजी आबिद अली, इब्राहीम मनियार, सलीम भाई घौसी, हाजी लाल मोहम्मद, मेहमूद खान, फिरोज खान, दिलावर खान, युनुस चंदीजा, अब्दुल रहमान, हबीब खां घोसी, शकुर खां, हाजी शफी घोसी सहित समाज के प्रमुख लोग उपस्थित थे।


correspondent

salim khan

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