मानसिक रोगियों को मुख्यधारा में लाना हम सभी की जिम्मेदारी: चटर्जी

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जोधपुर। मानसिक रूप से कमजोर व मानसिक विकलांग व्यक्ति के साथ सदैव अपनत्व का भाव रखना चाहिए, क्योंकि वे लोग भी हमारे समाज का ही एक महत्वपूर्ण अंग है। समाज के हर जिम्मेदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि समाज के कुछ वर्ग जो अपने अधिकारों से वंचित है उन लोगों के अधिकारों को संरक्षित व सुरक्षित करना और उन्हें जागरूक करने की जिम्मेदारी हम सभी की हैं। सरकार व कानून तो इन्हें इनके अधिकार दिलाने के लिए सदैव तत्पर है ही परंतु इन्हें मुख्यधारा में लाने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी हम सभी को उठानी होगी तब कहीं जाकर इन्हें सही रूप से अपने अधिकार प्राप्त हो सकते हैं। ये उद्गार व्यक्त किए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश जोधपुर महानगर अतुल कुमार चटर्जी ने। वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं डॉ संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आयोजित मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवा योजना 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक रोगियों के लिए न्यायपालिका, सामान्य प्रशासन, पुलिस व अस्पताल सभी अपने-अपने दायरों में रहकर कर्तव्यों का पालन करेंगे तभी इस योजना को मूर्तरूप दिया जा सकेगा और पीडि़त व्यक्ति को सही समय पर उचित सहायता प्रदान की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से पीडि़तों के लिए न्यायपालिका सदैव विधिक सहायता प्रदान करती है जिससे कि उसका पुनर्वास तथा उपचार से संबंधित सभी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि समाज एेसे व्यक्तियों का तिरस्कार नहीं करे बल्कि उन्हें सदैव मुख्यधारा में लाने के प्रयास करें। उन्होंने शहर में संचालित स्वयंसेवी संगठन मन संस्थान के द्वारा मानसिक रोगियों के प्रति किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
पुलिस कमिश्नर अशोक सिंह राठौड़ ने कहा कि समाज में शिक्षा एवं जागरूकता की कमी के कारण एेसे मरीजों का तिरस्कार किया जाता है और परिजनों द्वारा ही इन्हें घरों में बंद रखा जाता है और इनकी बीमारी को छुपाकर मरीजों को और अधिक गंभीर स्थिति तक पहुंचा दिया जाता है इसलिए सबसे पहले तो हमारे समाज में इसके प्रति शिक्षा को बढ़ावा देने की अतिआवश्यकता है उन्होंने इंग्लैंड में रहने हुए अपने एक स्मरण के बारे में बताया कि वहां का समाज मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को सदैव मुख्यधारा में रखता है जिससे की रोगी या पीडि़त में स्वयं के प्रति हीन भावना उत्पन्न नहीं होती, इसके उलट उन्होंने कहा कि हमारे समाज में ऐसे लोगों को नकार दिया जाता है उन्होंने कहा कि आज हर एक जानकारी को आधार कार्ड से लिंक किया गया है तो एेसे विशेष लेागें की जानकारी जो मानसिक रूप से बीमार होते हैं को भी आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए जिससे की उनकी पहचान आसानी से की जा सके। तथा उनका समय रहने उचित उपचार किया जा सके। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि समाज में सभी लोगों को अपने अधिकारों का उपयोग करना चाहिए और हम सभी सक्षम लोगों की यह जिम्मेदारी है कि हम समाज में ऐसे विशेष लोगों की सहायता करें तथा उनके अधिकारों के प्रति सदैव कर्तव्यनिष्ठ रहें। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगी को उनके उपचार के साथ-साथ संपत्ति के अधिकार का भी ध्यान रखना चाहिए।

correspondent

Gulam Mohammad

Gulam Mohammad