वीर शिरोमणि मुकनदास खींची की 385 वीं जयंती उत्साह के साथ मनाई

जोधपुर। वीर शिरोमणी मुकनदास खीची की 385 वी जयन्ति टाउन हॉल में बडें उत्साह के साथमनाई गई। समारोह कि अध्यक्षता महाराजा गजसिंह ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में नारायणसिंह माणकलाव (पदम भुषण सम्मानित) व ठा. मोहनसिंह खीची ने भाग लिया व विषिष्ठ अतिथि के रूप में नरपतसिंह (एडिशनल एस.पी. जोधपुर ग्रामीण) ने समारोह का उत्साह बढ़ाया। जयंती समारोह के संयोजक श्री करणसिंह उंचियारडा ने वीर षिरामणी मुकनदास खीची के जीवनी के बारे में सम्बोधन दिया एवं बताया कि आज के जमाने में लोगो को अपनी सम्पति का किताना लालच है एवं इसके लिए भाई भाई में लडाई हो जाती है लेकिन वीर षिरोमणी मुकनदास खीची ने मारवाड के राज को ठुकराते हुए स्वामी भक्ति की भावना के साथ कितनी महानता एवं बहादुरी से उन्होनें महाराजा अजीत सिंह जी को ओरंगजेब के चुंगल से निकालकर उनको सिरोही जिले के कालन्दरी गांव में जयदेव पुरोहित के घर पर ले गये। बाहर जोगी के वेष में मुकनदास खीची अपने मालिक की पूर्ण चौकसी करते थे उनका हर श्वास स्वामी के हित में चलता था। इस तरह वीरवर मुकनदास खीची ने मुगलो के चुंगल से छुडाकर महाराजा अजीत सिंह जी को अपने जान की बाजी लगाकर मारवाड तक पहुंचाया उनका लालन-पालन किया और श्रत्रियोचित गुणों से परिपूर्ण करवाकर उन्हें मारवाड का महाराजा बनाया। फिर महाराजा श्री गजसिंह जी ने सम्बोधन देते हुए समिति के संयोजक श्री उंचियारडा का आभार व्यक्त किया कि व पिछले दस सालों से श्री मुकनदास खीची की जयन्ती समारोह पुर्वक मना रहे है जो समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत कार्य है फिर उन्होने वीर षिरामणी मुकनदास खीची की बहादुरी, त्याग भावना एवं स्वामी भक्ति के बारे में जनता को बताया। इसके बाद समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में नरपतसिंह (एडिषनल एस.पी. जोधपुर ग्रामीण) व मुख्य अतिथि के रूप में नारायणसिंह माणकलाव (पदम भुषण सम्मानित) ने सम्बोधन दिया व मुख्यवक्ता के रूप में प्रो. डुंगरसिंह जी खीची ने वीर षिरोमणी मुकनदास खीची की महानता एवं उनकी त्याग भावना के साथ उनकी स्वामी भक्ति के बारे में अपनी अभिव्यक्ति दी व जनता को बताया कि हमें इसी भावना को ध्यान में रखते हुए हमें युवा पीढी को संस्कारीत करने कि आवष्यकता है तभी युवा पीढी में ऐसे महापुरूषों के गुण समावित हो पाएंगे। समारोह में अजय सिंह गोगादेव पुत्र जगदीश सिंह गोगादेव को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की 1000 मीटर स्केटींग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने एवं मुलसिंह खीची पुत्र श्री गोपाल सिंह जी खीची को 500 मीटर की स्केटींग प्रीतियोकिगता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर साफा, श्रीफल एवं मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। श्री मुल सिंह जी सेवा को समाज सेवा के श्रेत्र में, श्री जब्बर सिंह जी देवडा को चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हेतु एवं श्री हरेन्द्र सिंह खीची पुत्र श्री प्रेमसिंह जी खीची को व्यापार के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हेतु माला, साफा, श्रीफल एवं मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। समारोह में श्री लक्ष्मण सिंह जी घडाव द्वारा आयोजित रक्तदान षिविर में 21 महानुभवों ने रक्तदान किया उनको भी मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया एवं उनका आभार व्यक्त किया गया। अन्त में समारोह समिति के सदस्य कमाण्डेन्ट हनवन्तसिंह ने समस्त अतिथियों एवं जनता को धन्यवाद ज्ञापित किया एवं सभी का आभार व्यक्त किया।

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Gulam Mohammad

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