फर्जी खाते से लाखों के लेनदेन का भंडाफोड़

 आयकर विभाग के नोटिस से मामला उजागर हुआ, आईडीबीआई बैंक में खुलवाये गये फर्जी खाते
श्रीगंगानगर। आईडीबीआई बैंक की श्रीगंगानगर में सुखाडिय़ानगर मार्ग पर होटल खुराना के नजदीक स्थित शाखा में फर्जी अकाउंट खुलवाकर लाखों रुपये के बेनामी लेनदेन का भंडाफोड़ हुआ है। आयकर विभाग द्वारा श्रीगंगानगर जिले में सीमावर्ती मिर्जेवाला गांव के एक किसान को उसके बैंक अकाउंट में संदिग्ध रूप से जमा हुई 16 लाख 32 हजार की एंट्री के बारे में नोटिस भेजकर जवाब मांगे जाने से यह मामला उजागर हुआ है। किसान का कहना है कि उसने आईडीबीआई बैंक में कभी अकाउंट खुलवाया ही नहीं। जिस अकाउंट में इतनी बड़ी राशि का संदिग्ध-बेनामी लेनदेन हुआ, वह लगभग 8 वर्ष पहले 2009 में खुलवाया गया था, जिसे पांच महीने बाद ही बंद कर दिया गया। पिछले वर्ष नवम्बर माह में देश में केन्द्र सरकार द्वारा नोटबंदी लागू करने के बाद आयकर विभाग जब संदिग्ध बैंक खातों की जांच-पड़ताल कर रहा था, अब यह वर्ष 2009 का संदिग्ध लेनदेन सामने आया। किसान ने उसके नाम का फर्जी खाता खुलवाकर यह लेनदेन किये जाने का एक व्यक्ति को नामजद करते हुए स्थानीय जवाहरनगर थाना में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस के अनुसार मिर्जेवाला निवासी रायसाहब पुत्र कृष्णलाल गोदारा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर हेतराम पुत्र भूराराम सोनी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक व अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और षडय़ंत्र रचने के आरोप में यह मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाप्रभारी शकील अहमद स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। रायसाहब ने बताया है कि हेतराम सोनी ने पहचानकर्ता के रूप मेंं दस्तावेज जमा करवाकर 22 अक्टूबर 2009 को उसके नाम से आईडीबीआई बैंक में खाता खुलवाया। फिर इस खाते में 16 लाख 32 हजार की रकम जमा हुई, जिसे कुछ दिनों बाद निकाल लिया गया। इसके बाद 3 मार्च 2010 को यह अकाउंट बंद करवा दिया गया। रायसाहब के अनुसार उसके नाम से जो अकाउंट खोला गया, उसका नम्बर 3561040006323 है। उसने कहा है कि आडीबीआई बैंक में कभी भी नहीं किया। उसका बैंक अकाउंट सिर्फ एसबीआई बैंक में है।
और भी हैं फर्जी खाते
इस फर्जीवाड़े में कुछ और ऐसे ही बैंक खाते खोले जाने की जानकारी मिली है। रायसाहब गोदारा ने बताया कि उनके ही गांव के एक व्यक्ति सहित चार और जनों के ऐसे ही फर्जी अकाउंट आईडीबीआई बैंक में खोले गये। इन सभी अकाउंट्स में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। दो खातों में तो 12 और 15 लाख तक की राशियां जमा हुईं और निकाली गई हैं। जिनके नाम से यह खाते खुले हैं, उनमें सोहन सिंह, बलकरण सिंह, प्रदीप कुमार व रामलाल है। यह खाते खुलवाने में भी हेतराम सोनी की ही संदिग्ध भूमिका बताई जा रही है। हेतराम सोनी पहले मिर्जेवाला में ही रहता था। रायसाहब ने बताया कि हेतराम की जान-पहचान उसके दादा के साथ थी। इन दिनों हेतराम श्रीगंगानगर में हनुमानगढ़ मार्ग पर जिला परिवहन कार्यालय के सामने एक कॉलोनी में रहता है। उसकी रबड़ फैक्टरी भी बताई जाती है। रायसाहब ने बताया कि उसने हेतराम से उसके नाम का फर्जी अकाउंट खोलने के बारे में सम्पर्क किया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
आयरक विभाग ने तीन नोटिस भेजे
किसान रायसाहब गोदारा ने बताया कि उसके पिछले तीन महीनों में आयकर विभाग की ओर से तीन नोटिस मिले। इन नोटिसों में आयकर विभाग ने आईडीबीआई बैंक में उसका अकाउंट होने और उसमें इतनी बड़ी राशि की एंट्री होने का हवाला देते हुए पूछा गया था कि यह राशि उसके पास कहां से आई। नोटिसों में इस राशि का टैक्स चुकाने के लिए भी कहा गया। रायसाहब के मुताबिक उसने पहले पूर्व नोटिसों पर गौर नहीं किया। उसे लगा कि यह नोटिस गलत पते पर आ गया है। लेकिन तीसरी बार आयकर विभाग के अधिकारी खुद नोटिस लेकर उसके पास आये। तब उसे लगा कि यह मामला बेहद गम्भीर है। आयकर अधिकारियों ने उसे चेताया कि नोटिस का जवाब नहीं दिया, तो उसे सजा और जुर्माना दोनों ही हो सकते हैं। तब वह आईडीबीआई बैंक में खोले गये इस खाते की जानकारी लेने के लिए पहुंचा।
फार्म किसी का, फोटो किसी की
रायसाहब ने बताया कि बैंक में जाने पर उसे बैंक अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। यहां तक कि उसे उसके ही इस बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट तक नहीं दी गई। अलबत्ता उसे यह अवश्य पता चला है कि जिस किसी ने भी उसके नाम का यह फर्जी अकाउंट खुलवाया, उसमें खाता खोलने के लिए फार्म पर किसी और की फोटो लगी हुई है। नाम-पता रायसाहब पुत्र किशनलाल निवासी मिर्जेवाला का है। पहचानकर्ता के रूप में हेतराम सोनी ने अपना हवाला दिया हुआ है। उस पर उसने अपने मोबाइल फोन नम्बर भी अंकित करवाये हुए हैं। आयकर विभाग ने इस मोबाइल नम्बर के आईडी प्रूफ निकलवाये हैं, जो हेतराम के नाम से ही है। इसके अलावा एक और सनसनीखेज तथ्य सामने आया है। इसके अनुसार बैंक में खाता खोलने के लिए दिये गये फार्म के साथ करणी मार्ग पर स्थित बीज अनुसंधान कार्यालय के एक अधिकारी का मोहर लगा हुआ पत्र भी संलग्न है। इस पत्र में प्रमाणित किया गया है कि फार्म पर जो फोटो लगी है, वह रायसाहब गोदारा की है, लेकिन यह फोटो रायसाहब की नहीं, बल्कि किसी ओर की है। अंदेशा यह जताया जा रहा है कि किसी और व्यक्ति की फोटो लगाकर रायसाहब के नाम का खाता खोला गया है। जिसकी फोटो लगाई है, उसी पर ही इस खाते में इतनी बड़ी राशि का लेनदेन करने का अंदेशा है।
अब जांच हेतराम पर केन्द्रीत
इस मामले में अब आयकर विभाग की जांच हेतराम सोनी पर केन्द्रित होने जा रही है। विभाग के अधिकारियों ने रायसाहब के बयान दर्ज कर लिये हैं, जिसमें रायसाहब ने आईडीबीआई बैंक में खाता खोले जाने के प्रति अनभिज्ञता जताई है। विभाग ने रायसाहब को उसके द्वारा दिये गये बयान की कॉपी भी सौंपी है। आयकर विभाग अब हेतराम सोनी से सिर्फ रायसाहब के नाम से खोले गये अकाउंट ही नहीं, बल्कि चार अन्य संदिग्ध अकाउंट में हुए लाखों के लेनदेन के बारे में पूछताछ करने वाला है।


correspondent

Sanjay Sethi

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