कान पक गए कलेक्टर साहब, बैठकों में निर्देश सुनते-सुनते

बैठक लेते कलेक्टर बाड़मेर।

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– कौताही बर्दाश्त नहीं होगी, प्रोपर मोनेटरिंग करो…अब ये सब जुमले लगते है

बाड़मेर। सूबे के अमूमन हर जिले में यकीनन ऐसा ही है। कुछ युवा कलेक्टर नवाचार करने, पुराने ढर्रे को ठीक करने में लगे है लेकिन सरकारी नौकरी में बरसों से बैठकों, उनमें दिए जाने वाले निर्देशों को सुनते-सुनते अब रिटायरमेंट की ओर कदम बढ़ाने वाले कारिंदों को यह सब जुमले लगते है। घंटों बैठकों में बिताने, सरकारी खर्च उठाने के बावजूद सिस्टम वैसे ही चलना है जैसे चल रहा है।
बाड़मेर में युवा कलेक्टर ने आज विकास कार्यो की सीमक्षा बैठक में तीखे तेवर दिखाए, कौताही बर्दाश्त नहीं करने और कार्रवाई करने की बात कही लेकिन होगा वहीं जो मातहत चाहेंगे। अब युवा कलेक्टर को कौन समझाएं कि सरकारी की तरफ से सब जांचे फ्री होने के बावजूद जिला अस्पताल के बाहर प्राइवेट लैब कुकरमुतों की तरह उग आई है। देखते ही देखते जिले में प्राइवेट अस्पतालों ने सरकारी अस्पतालों से ज्यादा नाम और मरीजों की संख्या बना ली है। बावजूद वो पीएमओ को कह रहे है कि लपकों पर रोक लगाओं, मोनिटरिंग करो। बरसो से रोक नहीं लगी अब जब बीमारी लास्ट स्टेज यानी वश में नहीं तो कह रहे है ठीक करो। ऐसा भी नहीं है कि इससे पहले के कलेक्टरों ने यह बात नहीं कही, हां कई बार कही बैठकों में। आज नये साहब ने भी कह दी।
सरकार की फ्लैगशीप योजनाओं के क्रियान्वयन में कौताही बर्दाश्त नहीं करने की बात कलेक्टर नकाते ने की। सबने बैठक में सुनी, लेकिन अनसुनी होना तय है। फिर भी कलेक्टर ने अपनी कोशिश करते हुए बैठक में कहा कि फ्लैगशीप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निश्चित समयावधि में संबंधित लाभार्थी तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। नकाते ने कहा कि आपका जिला आपकी सरकार, प्रभारी मंत्री की बैठक एवं राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें। नियमित रूप से अपडेट रहने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सोशल मीडिया की बात भी करी। जो कि हर कारिंदा करता है दिनभर ऑफिस में, ये बात दीगर है कि वो उसका उपयोग सरकारी योजनाओं से जनता को राहत देने के लिए नहीं बल्कि अपने स्टेटस को अपडेट रखने को करता है।
इन सब ने भी सुना
बैठक के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल मेघवाल समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
होगा क्या, ये कौन बताएगा
कलेक्टर ने कौताही नहीं बरतने, मोनिटरिंग करने, अपडेट रहने, लाभार्थी को लाभ पहुंचाने की कई बाते बोली, कई घंटे जाया कर काम करने को कहा लेकिन एक्सन में होगा क्या? हां यदि हुआ भी फिर अच्छा या बुरा उससे जनता को अपडेट करेगा कौन? लिहाजा अगली बैठक का सबको इंतजार रहेगा।

correspondent

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