फिक्की ने इस वर्ष राष्ट्रीय पर्यटन नीति लागू करने की सिफारिश

जयपुर। फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को वर्ष 2017 में राष्ट्रीय पर्यटन नीति लागू करने की सिफारिश की है। उल्लेखनीय है कि इस नीति का प्रारूप वर्ष 2015 में ही तैयार किया जा चुका है और स्टेकहोल्डर्स के इनपुट के लिए इसका वितरण किया गया है। 23 अप्रेल की शाम ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) 2017 के उद्घाटन समारोह के दौरान जारी फिक्की एवं यस बैंक की रिपोर्ट ‘इंडिया इनबाउंड टूरिज्म – द नेक्स्ट ग्रोथ ट्रजेक्टरी‘ में यह सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ड्राफ्ट पाॅलिसी पर्यटन उद्योग के उभरते परिदृष्य को प्रस्तुत करती है। इसमें टूरिज्म के विकास के लिये अनेक सुझाव दिये गये हैं। फिक्की द्वारा ड्राफ्ट को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देने पर जोर दिया है ताकि इसी वर्ष ही इस नीति को लागू किया जा सके। यह नीति राज्यों की पर्यटन नीतियों को भी उचित गति एवं दिशा प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, यह ड्राफ्ट पर्यटन नीति अनेक प्रस्तावित महत्वपूर्ण पहलों एवं संस्थागत सुधार का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। इस रिपोर्ट में नीति एवं नियामक सम्बंधित अन्य सिफारिषों में राष्ट्रीय पर्यटन प्राधिकरण का गठन, पर्यटन उद्योग के बजट में वृद्धि, पर्यटन क्षेत्र पर कम जीएसटी स्लैब तथा ई-वीजा एप्लीकेषन विंडो को एक माह से बढ़ाकर 6 माह करना शामिल है। यह रिपोर्ट ई-वीजा की सुविधा और अधिक देशों में विस्तार करते हुए परेशानी मुक्त यात्रा को बढ़ावा देने पर भी जोर देती है। वल्र्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीसीसी) के रिसर्च का पूर्वानुमान है कि 2016 से 2026 के मध्य तेजी से बढ़ते 10 लेज़र ट्रेवलिंग डेस्टिनेषंस में भारत भी शामिल होगा। पर्यटन रूझान में यह बदलाव यह संकेत देता है कि विकासशील एवं इमर्जिंग देश अपनी ट्रेवल एवं टूरिज्म प्रतिस्पर्धा को विकसित करने के लिए बेहतर स्थितियां तैयार कर रहे हैं और इसलिए ये देष लाखों नए पर्यटकों को आकर्षित करने एवं उनका स्वागत करने के लिए तत्पर हैं।


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