मूल्यों पर फिल्मों की जरूरत समय की मांग-सुजीत सरकार

आबू रोड। फिल्म निर्माता और निर्देशक सुजीत सरकार ने कहा कि फिल्मों की रील लाईफ और रियल लाईफ में बहुत बड़ा अंतर होता है। क्योंकि रियल जिन्दगी में वह सबकुछ सम्भव नहीं हो पाता जो फिल्मों में दिखता है। इसलिए लोगों को इससे सिर्फ मनोरंजन और सीखने के हिसाब से ही देखना चाहिए। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर से आये संस्था के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।पिकू, पिंक समेत कई हिट फिल्में बना चुके सुजीत सरकार ने कहा कि मौजूदा समय में अब ऐसी फिल्मों की जरूरत है जो लोगों को एक स्वस्थ परिवार और समाज की रचना करने में सहायक सिद्ध हो सके। आध्यात्मिक फिल्मों की अब समाज को बहुत आवश्यकता है ताकि लोगों का सही मार्गदर्शन कर सकें। ब्रह्माकुमारीज संस्था से पिछले कई वर्षों से जुड़ा हूॅं यह देखता हूॅं कि यहॉं का जीवन समाज में एक दशा और दिशा देने वाला है। मुझे खुशी है कि संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माबाबा की जीवनी पर मुझे फिल्म बनाने का अवसर मिला है। जिससे समाज को परमात्मा द्वारा स्थापित की जा रही नयी दुनिया का संदेश दिया जा सके। हाल ही फिल्म फेयर पिंक को बेस्ट फिल्म के अवार्ड से नवाजा गया था। कार्यक्रम में संस्थान के महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि बेहद प्रसन्नता है कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को सुजीत सरकार जैसे लोगों का ऐसी फिल्मों के प्रति सोच निश्चित तौर पर समाज में सकारात्मक बदलाव का एक हिस्सा है। इससे समूचे फिल्म इंडस्ट्री को सही रास्ता मिलेगा। इस अवसर पर संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने भी अपनी शुभकामनाएं दी। इस कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। सूचना निदेशक बीके करूणा, गॉडलीवुड स्टूडियो के कार्यकारी निदेशक बीके हरीलाल, एनिमेशन विभाग के बीके सुशील, बीके परमेश, बीके शोभा समेत कई लोग उपस्थित थे।


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