सुरों की बरखा से मुग्ध हुए मन

श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय कला मंदिर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित संगीत संध्या ने संगीत रसिकों के लिए सुरो की बरखा की सौगात दी। अरसे बाद शुरू की गई स्वर गंगा कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत रामजस कला सदन में आयोजित कार्यक्रम में बनारस घराने के संगीत गुरू डॉ. रामगोपाल त्रिपाठी और उनके शिष्यों ने सुरों की गंगा बहाई। इस दौरान खयाल से लेकर सूफियाना कलाम तक विभिन्न प्रस्तुतियों नें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


correspondent

Sanjay Sethi

Sanjay Sethi

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