सामान्य वर्ग भी करने लगा अब आर-पार की बात….जानिए कि आखिर ये मुद्दा क्या है

जयपुर। देश में सबसे ज्यादा चर्चित विषय बन चुके आरक्षण के मुद्दे का दायरा धीरे-धीरे फैलता जा रहा है। अब सामान्य वर्ग भी इसकी शरण में जाने को गियर-अप हो रहा है। इस मुहिम में शनिवार को उस समय और तेजी आई जब आरक्षण से महरूम लगभग सभी प्रमुख समुदायों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त बैठक कर इस मुद्दे पर सामूहिक कदम उठाने पर सहमति जताई। उन्होंने रोष जताया कि सवर्ण समाज के आरक्षण के लिए सरकार सिर्फ टालमटोल कर रही है। ऐसे में आर-पार की लड़ाई जरूरी हो गई है क्योंकि सरकार शांति पूर्ण चलाए जा रहे इस आंदोलन को हलके में ले रही है। सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि पिछले दिनों सरकार के मंत्रियों ने जो वार्ता की थी उसमें कहा था कि 120 दिन में इसका फैसला हो जायेगा। परन्तु अब तक इस पर कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाडा ने कहा कि अब तक हम सब अलग अलग आंदोलन चला रहे थे लेकिन अब आरक्षण से वंचित जातियों के सामूहिक आंदोलन से इस आंदोलन का एक विराट रूप दिखेगा। वैश्य आरक्षण मंच के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा और कतई पीछे नहीं हटेगा। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय सचिव देवेन्द्र सक्सेना मधुकर, पंजाबी आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष दुर्गेश दुआ ने भी आंदोलन में साथ देने पर सहमति जताई।


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Hemant Bhati

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