35 साल से फरार था, आखिरकार पकड़ में आया

श्रीगंगानगर। पुलिस द्वारा अपराधियों को पकड़ने के लिए समय-समय पर चलाए जाने वाला अभियान कभी-कभी तो कमाल ही कर देते हैं। ऐसा ही एक वाकया देखने में आया जब स्थाई वारंटियों की धरपकड़ के लिए जिले भर में चलाए जा रहे अभियान की जद में एक ऐसा शख्स भी आ गया जो लगभग 35 साल से फरार था। दीपाराम पुत्र श्योराम ब्राह्मण पर 1982 में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था और तब से ही वह फरार था। इतने वर्षों बाद आखिरकार वह पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। इसी तरह 1998 में दुर्घटना के एक मुकदमे में फरार चल रहे रमेश उर्फ रामेश्वर पुत्र अमरलाल शर्मा निवासी मम्मन कैंट, पठानकोट को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों को सदर थाना पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर, चूनावढ़ थाना पुलिस ने भी अलवर जिले में तिजारा थाना क्षेत्र के गांव सिलारपुर निवासी सुमरा खां को गिरफ्तार किया है। उस पर 2004 में नकली सोने की ईंट बेचकर धोखाधड़ी करने का एक मामला दर्ज हुआ था। वह पांच-छह साल से इस केस की तारीख पर कोर्ट में नहीं आ रहा था। उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


correspondent

Sanjay Sethi

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