गुलामी के काल से समाज में कुरीतियां आई, समय के साथ सोच भी बदली: वासुदेव

घरेलू हिंसा रोकने के लिए शिक्षा का प्रसार जरूरी : प्रो. देवनानी
अजमेर। प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का पूजनीय स्थान रहा है। शिक्षा के अभाव के कारण महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले सामने आते हैं। ऐसे में शिक्षा का प्रसार किया जाना जरूरी है ताकि घरेलू हिंसा पर रोक लगे। प्रो. देवनानी बुधवार को जिला परिषद सभागार में झुंझुनू पर्यावरण सुधार समिति द्वारा संचालित अजमेर महिला सलाह एवं सुरक्षा परामर्श केन्द्र के माध्यम से आयोजित महिलाओं का संरक्षण एवं कानूनी अधिकार विषयक कार्यशाला में मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में गुलामी के काल में समाज में कुरीतियां आई लेकिन समय के साथ सोच बदली है। आज महिलाओं को पूजनीय स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि परिवार संस्कृति का मूल है। परिवार सशक्त हो, घर का वातावरण अच्छा हो इसके लिए जरूरी है शिक्षा का प्रसार किया जाना। घरेलू हिंसा का एक और मुख्य कारण शराब भी रहा है। इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने कहा कि महिलाओं में जाग्रति लाने के लिए ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन जिला स्तर के साथ-साथ पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर भी की जानी चाहिए। ताकि ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति का रूप होती है। उन्हें अच्छे संस्कार एवं आदर मिले तथा वे आत्मनिर्भर बने, इसके प्रयास किए जाने चाहिए। शिक्षा के प्रसार से ही महिलाओं को संस्कारवान बनाया जा सकता है। जिससे वे महापुरुषों तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेकर लाभ प्राप्त कर सकेगी।


correspondent

DesertTimes.in

DesertTimes.in

%d bloggers like this: