जिले का दर्जा पाने के लिए बंद रहा सूरतगढ़, पान-बीड़ी के खोखे भी नहीं खुले

श्रीगंगानगर। ‌वर्षों से सूरतगढ़ को जिले का दर्जा दिलाने के लिए संघर्षरत वहां के बाशिन्दों ने जबरदस्त एकजुटता दिखाई। इस मुद्दे पर आहूत सूरतगढ़ बंद पूरी तरह सफल रहा। न केवल शहर के प्रमुख बाजार बल्कि सब्जी मंडी, होटल, मिष्ठान भण्डार, रेहडिय़ां, पान-बीड़ी के खोखे वालों सहित सभी छोटे बड़े कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। बार संघ, आईएमए मेडिकल सेवाएं भी बंद रखी गईं। मेडिकल स्टोर दोपहर 11 बजे तक बंद रहे, वहीं गली मोहोल्लों में छोटी दुकानें चलाने वालों ने भी बंद रखकर पूर्ण समर्थन दिया। जिला बनाओ अभियान समिति अध्यक्ष धन्नाराम स्वामी, संयोजक दिलात्म प्रकाश जैन की अगुवाई में गोयल चौक में धरना लगाया गया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग काफी पुरानी है। सभी एकजुट होकर जिला बनाने के लिए सरकार पर दबाव बनायेंगे, तभी सफलता मिलेगी। बाद में अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करके प्रदर्शन किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर को दिया। सभा स्थल पर शाम को हुई बैठक में आन्दोलन की रणनीति बनाई गई। रेलवे स्टेशन के सामने सुभाष चौक पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू करने का फैसला किया गया।


correspondent

Sanjay Sethi

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