नवचयनित व्याख्याताओं का महापड़ाव जारी

दूसरे दिन भी तीन अनशनकारियों की हालत बिगड़ी
श्रीगंगानगर। बीकानेर में शिक्षा निदेशालय के समक्ष नियुक्ति की मांग को लेकर राज्य के कई जिलों से आये नवचयनित के प्रथम श्रेणी के विद्यालयीन व्याख्याताओं का महापड़ाव मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे तीन युवकों अशोक पटेल, अभिषेक चौधरी और इंद्रजीत को तबीयत खराब होने पर सुबह पुलिस जबरन ले गई और पीबीए अस्पताल में भर्ती कराया। 10 चयनित व्याख्याता अब भी अनशन पर हैं। महापड़ाव पर बैठै नवचयनित व्याख्याता दोपहर में जुलूस के रूप में शिक्षा निदेशालय से जिला कलेक्टर पहुंचे और वहां उन्होंने नारेबाजी करके जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शैलेंद्र को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वे संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां उन्होंने प्रदर्शन किया। इससे पहले शिक्षा निदेशक बीएल स्वर्णकार की आंदोलनकारी नवचयनित व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत हुई। श्री स्वर्णकार ने उनसे कहा कि राज्य सरकार के आदेश मिलते ही वह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर देंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 2015 में शिक्षकों की भर्ती के आदेश जारी किये थे। पिछले वर्ष जुलाई में इसके लिय परीक्षा हुई और सितम्बर में परिणाम भी घोषित कर दिये गये। इसमें 19 विषयों के कुल 13098 शिक्षकों को चयनित किया गया और अक्टबूर में आठ विषयों के 1248 चयनितों को नियुक्ति दे दी गई। शेष 11 विषयों के 11 हजार 850 चयनित व्याख्याता न्यायिक प्रक्रिया के चलते नियुक्ति से वंचित रह गये। इस पर नियुक्ति की मांग को लेकर करीब 15 नव चयनित व्याख्याता 48 दिन से शिक्षा निदेशालय के समक्ष धरन पर बैठे हैं। आठ फरवरी को जोधपुर न्यायालय ने वह याचिका खारिज करते हुए नवचयनित शिक्षकों को नियुक्ति देने के आदेश जारी कर दिये। न्यायालय के इस फैसले पर तीन दिन तक राज्य सरकार की और से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं करने पर राज्यभर के चयनित व्याख्याताओं ने कल से महापड़ाव शुरू कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि मुद्दे पर जयपुर में कल शाम मंत्री स्तर की बैठक हुई है और शीघ्र ही इस पर निर्णय होने की संभावना है।


correspondent

Sanjay Sethi

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