कम न आंकें, बोझ न समझें बेटियों को -भदेल

भीलवाड़ा । भीलवाड़ा जिले की प्रभारी महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल ने कहा कि बेटियों को किसी भी स्थिति में कम नहीं आंका जाना चाहिए। बेटियों के प्रति प्रगतिशील सोच अपनाकर ही परिवार एवं देश का विकास किया जाना संभव हेै। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले की हुरडा पंचायत समिति के राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय सनोदिया में डी-वार्मिंग डे तथा जीवन ज्योति सेवा समिति द्वारा विद्यालय को गोद लेने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में आज भी बेटियों को कम आंका जाता है तथा बेटों के मुकाबले उनके साथ कमतर व्यवहार किया जाता है, यह ठीक नहीं है। भदेल ने कहा कि आज बेटियां हर मामले में लडकों से आगे है। उन्होंने कहा कि सनोदिया में वर्ष 2008 से बालिका माध्यमिक विद्यालय हेै यह यहां के ग्रामवासियों की बेटियों को पढाने की दूरगामी सोच का परिणाम हेेै। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजश्री योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म पर प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। लडकी के जन्म से 12वी कक्षा पास होने तक 50 हजार रु. की सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने माता-पिताओं के सिर से बेटियों का बोझ कम कर दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आसीन्द के विधायक श्री रामलाल गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बालक-बालिकाओं के प्रोत्साहन के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई है। शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने अभिभावकों को आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षित करें। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लें। ग्रामीण परिवेश को स्वच्छ बनायें रखें।


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DesertTimes.in

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