लोक अदालत में मिलेगा न्याय

जयपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को को उच्च न्यायालय व राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों में लंम्बित व प्रिलिटीगेशन प्रकरणों की राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एस के जैन ने बताया कि जोधपुर व जयपुर उच्च न्यायालय में नियमित लोक अदालत का आयोजन होगा जिसमें पदासीन न्यायाधिपति व एक सीनियर अधिवक्ता अध्यक्ष व सदस्य, नेशनल लोक अदालत के रूप में प्रतिदिन की तरह नेशनल लोक अदालत में भी प्रकरणों की सुनवाई कर पक्षकारों में समझाईश करवाकर प्रकरणों का निस्तारण करेंगे। जोधपुर एवं जयपुर उच्च न्यायालय में सूचीबद्ध किए जाने वाले प्रकरणों को उनकी प्रकृति के आधार पर चिन्हित किया गया है जिसमें पेंन्शन, सेवानिवृत्ति लाभ, ओद्यौगिक विवाद, स्थानांतरण, चयनित वेतन श्रृंखला, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण के आदेशों के विरूद्ध दायर याचिका, मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के अवॉर्ड के विरूद्ध अपीलें, जेडीए से सम्बंधित विवाद, पैरोल व प्रि-लिटीगेशन आदि से सम्बंधित प्रकरणों को सम्मिलित किया गया है। इसी प्रकार प्रदेश की समस्त अधीनस्थ अदालतों में लगने वाले नेशनल लोक अदालतों के लिए न्यायालयों में लंम्बित एवं प्रि लिटीगेशन के करीब चार लाख प्रकरणों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित किए गए प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए ही पीठासीन न्यायिक अधिकारियों की लोक अदालत बैंन्चों का गठन किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश के अधीनस्थ व उच्च न्यायालयों में लंम्बित प्रकरणों में एक पक्षकार बडी संख्या में राज्य सरकार भी होती है जिसके उच्च स्तर के पदाधिकारियों के साथ समय समय पर द्वारा मीटिंग आहूत करके उक्त प्रकरणों के लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण बाबत निर्देश दिए थे जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बैंक, बीमा कम्पंनियों आदि ने अपने अपने स्तर पर इस तरह के सर्कुलर जारी किये हैं जिनका फायदा लोक अदालत में पक्षकार उठा सके व आम जन को राहत मिल सके व राजीनामा के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण हो सके।


correspondent

Akhil Vyas

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