भारत की खुशहाली का रास्ता खेतों से होकर गुजरता हैः निहालचंद

श्रीगंगानगर। पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्रा एवं सांसद निहालचंद ने बुधवार को बजट सत्रा के दौरान इस क्षेत्रा के विभिन्न मुद्दों को संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष और गुरू गोविन्दसिंह जी की 350वीं वर्षगांठ प्रकाश पर्व हम लोग मना रहे है। सबका साथ, सबका विकास, भारत के इतिहास में रेल बजट और आम बजट पेश करने की 93 साल की पुरानी परम्परा को इस सरकार ने एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाकर बदला है। माननीय प्रधानमंत्रा जी और माननीय वित मंत्रा जी को मैं धन्यवाद देना चाहुंगा। बजट के समय में बदलाव कर केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों को बजट आवंटन की योजनाओं को सही तरह से क्रियान्वित करने के लिये उनको उचित समय मिल सकेगा। वर्ष 2017-18 का बजट सही मायने में भारत के किसान, मजदूर, गरीब और दलित के उत्थान के लिये है। गांवों का किसान, मजदूर, पिछडें तबके का विकास केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता रही है। महोदय, मुद्रास्फीति को नियंत्राण में लाना, भारत में चालू घाटे को कम करना, अर्थव्यवस्था को फिर से विकास के पथ पर ले जाना और उसको अग्रसर करना, कालेधन के विरूद्ध देशव्यापी अभियान चलाना, भ्रष्टाचार, कालेधन, नकदी मुद्रा और आंतकवाद के फण्डीकरण हेतु विमुद्रीकरण सरकार की प्रमुख उपलब्धि रही है।


correspondent

Sanjay Sethi

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