उन्नत खेती-बाड़ी की योजनाएं पहुंचाने का संकल्प

राजसमन्द। खेती-बाड़ी के क्षेत्र में नवाचारों और किसानों के भले की योजनाओं की जानकारी आम किसानों तथा खेतों तक पहुंचाने और किसानों की आय में दुगूनी से अधिक अभिवृद्धि करने के लिए प्रभावी प्रयास करने और काश्तकारों के समग्र उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियों के प्रसार के संकल्पों के साथ राजसमन्द कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 23 वीं बैठक सोमवार को केवीके सभागार में सम्पन्न हो गई।
हर खण्ड में पहुंचे केवीके
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के निदेशक (प्रसार) प्रो. जी.एस. तिवारी ने केवीके की गतिविधियों को और अधिक बेहतरी देने का आह्वान करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों से जिले के सभी खण्डों को लाभान्वित करने, ख्ेाती-बाड़ी में सिंचाई के लिए मितव्ययी जल प्रबन्धन के नवीन प्रयोगों को बढ़ावा देते हुए पानी बचाने, किसानों को कृषि के नवीन उपकरणों से परिचित कराने, किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और उसमें संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों और विशेषज्ञों को बुलाकर सर्वांग जानकारी से काश्तकारों को अवगत कराने, कृषि उत्थान और कृषक विकास से संबंधित सभी योजनाओं और कार्यक्रमों पर प्रचार साहित्य, चित्रात्मक प्रदर्शनी और प्रचार-प्रसार गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने, कृषि कर्म में ऊर्जा संरक्षण के नए आयामों का उपयोग करने आदि पर जोर दिया।
आम किसानों तक पहुंचाएं योजनाएं
निदेशक ने सभी विभागों के अधिकारियों का आह्वान किया कि दूरदराज के आम किसानों तक कृषि तकनीक एवं नवाचारों का पूरा-पूरा लाभ पहुंचाने के लिए सभी संबंधित प्रभाग और विभाग मिलकर व्यापक कार्ययोजना तेयार करें और प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जल प्रबंधन, हस्त चलित यंत्र, अजोला को बढ़ावा, जैविक खेती के मॉडल एवं फसल प्रदर्शन आदि सभी गतिविधियां वैज्ञानिक देख-रेख में हाें।


correspondent

DesertTimes.in

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