सूरतगढ़- लूणकरणसर ‎के बीच बनेगा 65 लाख टन क्षमता का अॉयल रिजर्व सेंटर

लागत आएगी 4200 करोड, आकस्मिक चुनौती से निपटने में कारगर होगा यह तेल भंडार
श्रीगंगानगर। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने केंद्रीय बजट में बीकानेर जिले में घोषित कच्चे तेल भंडार(अॉयल रिजर्व सैंटर) को देश के लिये महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भविष्य में तेल संकट जैसी चुनौती से निपटने में कारगर होगा। मेघवाल ने रविवार को बीकानेर में सर्किट हाउस में पत्रकारों को बताया कि तेल उत्पादक देशों की एकाधिकार की नीति के चलते अचानक तेल के दाम बढ़ाने, युद्ध जैसी आकस्मिक समस्याओं से निपटने में विकासशील देश सक्षम नहीं है, क्योंकि इन देशों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे दस दिन भी तेल का अभाव सह सकें। ऐसी समस्या से निपटने के लिये तेल भंडार उपयोगी होंगे। उन्होंने कहा कि विकिसत देशों में तेल का सुरक्षित भंडार रखने की उच्च तकनीक हैं लेकिन विकासशील देशों के पास ऐसी तकनीक नहीं है। लिहाजा सरकार ने इस तकनीक पर काम शुरू किया। इसके तहत प्रथम चरण में विशाखापट्टनम और बेंगलोर में तेल भंडारगृह बनाये गये। लेकिन इनकी क्षमता 10 और 15 लाख टन तक थी, लिहाजा तेल संग्रह के लिये दो और स्थल की जरूरत महसूस हुई तब उड़ीसा और राजस्थान को इसके लिये चुना गया। मेघवाल ने बताया कि राजस्थान में कई स्थल देखे गये लेकिन बीकानेर क्षेत्र इसके लिये मुफीद लगा। यह बीकानेर जिले के लूणकरनसर और गंगानगर जिले के सूरतगढ़ के बीच निर्मित किया जायेगा। इसका ज्यादातर भाग भूमि के अंदर बनाया जायेगा। इस परियोजना की कुल लागत चार हजार 200 करोड़ रुपये है। इसकी संग्रह क्षमता करीब 65 लाख टन होगी जो देश में सबसे ज्यादा क्षमता की होगी। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण से लेकर रखरखाव का कार्य पेट्रोलियम मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के अधीन होगा। मेघवाल ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय से मिले संकेतों के अनुसार भविष्य में इसका विस्तार करके इसकी क्षमता बढ़ाये जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र के के लोगों रोजगार के काफी अवसर मुहैया होंगे।
तीन रेल लाइनों का विद्युतीकरण होगा‎
श्री मेघवाल ने बताया कि बीकानेर खंड में शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस गाड़ियां चलाने की मांग के मद्देनजर बजट में बीकानेर खंड में दो रेललाइन के विद्युतीकरण की घोषणा की गई है। पहला लालगढ़ से रतनगढ़, सादुलपुर और सरदारशहर तक करीब 186 किलोमीटर की रेललाइन विद्युतीकृत की जायेगी। इसके लिये 236 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जबकि रेवाड़ी, सादुलपुर, हनुमानगढ़ के बीच करीब 320 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण किया जायेगा। इसके लिये 288 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। विद्युतीकरण होने के बाद इस रेललाइन पर गाड़ियों की गति बढ़कर 100 से 110 तक हो जायेगी। श्री मेघवाल ने बताया कि इस बार बजट में स्थानीय जरूरतें तेजी से पूरी करने के लिये ढाई करोड़ रुपये तक के अधिकार महाप्रबंधक को देने का प्रावधान किया गया है।
बीकानेर में पासपोर्ट अॉफिस
मेघवाल ने कहा कि बीकानेर में पासपोर्ट कार्यालय खोलने से अब यहां के लोगों का सीकर नहीं जाना पड़ेगा। ‎पासपोर्ट आफिस बीकानेर में खुलने से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों के लोगों को भी फायदा होगा।


correspondent

Sanjay Sethi

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