आर्किटेक्ट्स दे रहे हैं स्टोन के उपयोग को बढ़ावा

जयपुर। आर्किटेक्ट्स द्वारा बिल्डिंग्स में डायमेंषनल स्टोन्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिषन एंड कन्वेंषन सेंटर (जेईसीसी) में चल रहे इंडिया स्टोन मार्ट के 9वें संस्करण के तहत यह स्पष्ट देखने को मिल रहा है। स्टोन मार्ट के समवर्ती कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किए जा रहे जयपुर आर्किटेक्ट फेस्टिवल (जेएएफ) में डायमेंषनल स्टोन्स की खूबसूरत दुनिया प्रदर्शित की जा रही है, जिसे विजिटर्स एग्जीबिषन हॉल की विभिन्न स्टॉलों पर देख पा रहे हैं। ‘जेएएफ‘ का आयोजन ‘द सेंटर फॉर डवलपमेंट ऑफ स्टोन्स‘ (सीडोस) एवं फैडरेषन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से किया जा रहा है। काउंसिल ऑफ आर्किटक्चर (सीओए) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) इसके नॉलेज पार्टनर हैं। जेएएफ के क्यूरेटर, श्री दुर्गानन्द बालेष्वर कहते हैं – ‘‘इस फेस्टिवल के आयोजन से आर्किटेक्ट की बिल्डिंग्स में स्टोन्स के उपयोग में रूचि बढ़ी है। स्टोन मार्ट के तहत ही आयोजित किए गए ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवार्ड्स में देखने को मिला है कि इसके विजेताओं द्वारा किस प्रकार से खूबसूरत भवनों के निर्माण में स्टोन्स का उपयोग किया गया है। इन बिल्डिंग्स को बनाने में आर्किटेक्ट्स द्वारा क्षेत्र विषेष के स्थानीय स्टोन्स के अतिरिक्त राजस्थान की विभिन्न खदानों से निकले स्टोन्स को उपयोग में लिया गया है। आर्किटेक्ट्स, आर्किटेक्चर स्टूडेंट्स एवं टीचर्स को विनर्स के प्रोजेक्ट्स की रचनाओं को विजुअल्स के जरिए प्रदर्षित किया गया।‘‘


Desert Time

correspondent

Hemant Bhati

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