कब्र से बाहर आया शव…जाने कब, कैसे और क्यों

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए कब्र से निकाला शव
अलवर। उन्नस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस दो माह से उलझी हुई है। पुलिस अभी तक इस हत्याकांड को सुलझाने में नाकाम रही है। उन्नस हत्याकांड को सुलझाने कें लिए दो थानों की पुलिस जांच में जुटी हुई है। सदर थाना पुलिस ने कब्र से छेडछाड़ के एक चर्चित मामले में गुरूवार को मौके पर ही मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया। सदर थाना प्रभारी अजय यादव के अनुसार गांव रोजाका बास चांदोली में दो दिसंबर को मृतक उन्नस के शव को कब्र खोदकर दफनाया गया था। करीब एक माह बाद 30 दिसंबर को उन्नस की कब्र के साथ छेडछाड़ किए जाने की शिकायत परिजनों ने की। इस शिकायत के आधार पर जांच कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक के शव का डॉक्टरी परीक्षण आवश्यक समझे जाने पर जिला कलक्टर से इस मामले में अनुमति ली गई। जिला कलक्टर की अनुमति मिलने के बाद गुरूवार को उपखण्ड अधिकारी शुभम चौधरी एवं पुलिस उपाधीक्षक सांवरमल नागौरो की उपस्थिति में उन्नस की कब्र खुदवाकर उसके शव का मेडिकल बोर्ड से मौके पर ही परीक्षण कराया गया। डॉक्टरी परीक्षण में यह जानने का प्रयास किया गया है कि मृतक के शव की गर्दन कटी हुई है या नहीं? उल्लेखनीय है कि 30 दिसंबर को उन्नस की कब्र के साथ छेडछाड़ की घटना को लेकर परिजनों ने काफी आक्रोश जताया। मृतक के परिजनों का आरोप था कि अज्ञात व्यक्ति कब्र खोदकर उन्नस के शव की गर्दन काट कर ले गये। पुलिस इस शिकायत की गंभीरता से जांच पडताल कर रही है। यह भी गौरतलब है कि मृतक उन्नस कई साल से अपने मामा के यहां एमआईए में रहता था। एक दिसंबर 16 को उसकी लाश पाई गई थी। मृतक उन्नस मूल रूप से चांदोली का रहने वाला था। इसलिए उसे यहीं लाकर दफनाया गया। हत्याकांड की जांच शुरू होने के बाद से ही यह मामला लगातार पेचीदा हो रहा है।


correspondent

DesertTimes.in

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