चंबल नदी के तट पर बनेगा मगरमच्छ पालन केंद्र

सवाई माधोपुर। राज्य के सवाई माधोपुर के खंडार इलाके में चंबल नदी के पालीघाट तट के आसपास मगरमच्छ पालन केंद्र बनाने का एक प्रस्ताव तैयार कर नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को भेजा गया है और उम्मीद है कि जल्द ही इसको मंजूरी मिल जाएगी। राजस्थान में इस तरह का यह पहला केंद्र होगा। अभी देश में केवल मध्य प्रदेश के मुरैना में देवरी मगरमच्छ पालन केंद्र और उत्तर प्रदेश में लखनऊ के कुकरैल में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र हैं। सवाई माधोपुर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के वरिष्ठ अधिकारी महेश गुप्ता का कहना है कि इलाके में चंबल नदी के पालीघाट तट के पास मगरमच्छ पालन केंद्र बनाने का प्रस्ताव नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को भेजा जा चुका है और इस परियोजना का पूरा खाका तैयार कर रिपोर्ट देने का काम विशेषज्ञों को सौंप दिया गया है। पालीघाट से मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड, जारौन, औरेया व इटावा तक का करीब 425 वर्ग किलोमीटर का इलाका प्रस्तावित मगरमच्छ पालन केंन्द्र के लिए तय करने पर काम चल रहा है। जैसे ही नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड से मंजूरी मिलेगी, केन्द्र स्थापना का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इस केन्द्र की स्थापना का एक प्रस्ताव पहले भी नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को भेजा गया था, लेकिन तब राज्य का वन विभाग केंद्र के लिए जमीन उपलब्ध करवाने बाबत पूरी जानकारी नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को नहीं भेज पाया था। अब वन विभाग ने भी पूरी जानकारी नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को भेज दी है और मंजूरी जल्द मिलने के संकेत हैं। सवाई माधोपुर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के प्रशासन को उम्मीद है कि इस केन्द्र की स्थापना के बाद पालीघाट तट के इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्र की स्थापना के साथ साथ यहां चम्बल सफारी शुरू करने का भी प्रस्ताव है।


correspondent

Hemant Bhati

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