विशाल शोभा यात्रा के साथ सांवलियाजी मेले का आगाज

अभिजीत भट्टाचार्य और कविता पोडवाल के आयोजन मंगलवार को

नटवर त्रिपाठी के साथ कनक जैन

मण्डफिया , आज सोमवार दोपहर भगवान सांवलियाजी की शयन झांकी दर्शन के बाद विशिष्ट पूजा का कृष्ण के लघु स्वरूप लड्डू गोपाल की चल प्रतिमा को बेवाण में स्थापित कर शाही लवाजमें के साथ मंदिर परिसर से विशाल शोभा यात्रा प्रारम्भ हुई, और इसी के साथ मेवाड़-मालवा अंचल के ख्यातनाम मेले का आगाज हो गया।

मंदिर प्रांगण में करीब दो घण्टे से अधिक समय तक संगीत की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालुओं के समूह थिरक रहे थे। स्त्री-पुरुषों का विशाल जनसमूह रंगबिरंगी गुलाल और अबीर से सराबोर होकर आनन्द मग्न आध्यात्मिक रस का पान कर रहे थे।

शोभा यात्रा में सजे-संवरे हाथी और ऊँट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र रहे। इन पर केसरिया पोशाक में बैठे हुए किशोर चारों ओर गुलाल उड़ा रहे थे। आधा दर्जन ट्रेक्टरों में गांव के विविध विद्यालयों की मनमोहक झांकिया इस शोभा यात्रा की प्रमुख अंग थी। इन झांकियों में बालक-बालिकाएं विविध देव रूप में शोभायमान थे। शोभायात्रा मन्दिर परिसर से निकल कर शिवमन्दिर चैक पहुंची जहां बड़ी संख्या में स्त्री-पुरूष भगवान की प्रतिमा के दर्शन के लिए आतुर दिखलाई पड़े। इसके उपरान्त शोभा यात्रा गढ़ी का देवरा के सामने से गुजर कर कबूतर खाना, ब्रह्मपुरी तथा सदर बाजार होती हुई रात्रि आठ बजे पुनः मंदिर में पहुंचेगी। यहां इस अवसर पर विशेष आरती का आयोजन होता है।

घोड़ों के हैरतअंगेज करतब

मन्दिर परिसर और शोभा यात्रा के दौरान लगभग 3 दर्जन घोड़ों के हैरतअंगेज करतब देख कर श्रद्धालु जन अचंम्भित हो गये। बैण्ड की धुनों पर घोड़ो का नृत्य, पीछे के दो पैरों पर खड़े हो कर नृत्य करने के दृश्य हर किसी को लुभा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्र के भक्त ों में ये दृश्य मोबाईल मे कैद करने की होड लगी हुई थी। ये घोड़े वाले अपने घोड़ों के नायाब प्रदर्शन के लिए इसलिए भी आते हैं कि उन्हें अंचल के लोग देखें और अपने आयोजनों में याद करें। पास-पड़ोस के गांवो एवं कस्बों से आने वाले इन घोड़ों के प्रदर्शन के लिए अधिकरत मंदिर से किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखते। एक समय तक तो कई घोड़े वालों ने मंदिर से कभी कोई राशि ग्रहण नहीं की।

नायाब बैंडो में लगी होड़
शोभा यात्रा में आस पास से लगा कर के जयपुर और इन्दौर तक के बैण्डों की प्रस्तुतियां यहां श्रद्धालुओं को देखने और सुनने को मिली। जयपुर से आए हिन्दू जिया बैण्ड में पचास वादक और साजिन्दे थे। उनकी अपनी खास ड्रेस देखते ही बनती थी। क्षिप्रा (इन्दौर) से आये सांवलिया संगीत बैण्ड की मधुर स्वर लहरियों ने श्रद्धालुओं को बांधे रखा। इनमें कई ऐसे बैण्ड वाले हैं जो गत ढ़ाई दशक से लगातार इस मेले में अपनी आस्था की प्रस्तुतियां देते हैं और बदले में कभी कुछ उम्मीद नहीं करते। मेवाड़ी-मालवी महिलाओं के समूह के समूह इन बैण्डों की धुनों पर थिरक रहे थे। पुरुषों के टोले के टोले परस्पर गुलाल-अबीर छिड़क रहे थे और नाच रहे थे।

चारों ओर से श्रद्धालुओं के रेले

सांवलियाजी में चारों तरफ से आती सड़कों पर मेले में पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के रेले दिखलाई पड़ रहे हैं। कई पैदल तो कई अन्य साधनों से मेले में पहुंच रहे हैं। सांवलियाजी में चिकारड़ा, भादसोड़ा, बानसेन तथा आंवरीमाता से आने वाले मार्गों पर पार्किंग की विशेष सुविधा दी गई है।

सुरक्षा के जतन
मन्दिर मण्डल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अतिरिक्त कलेक्टर सुरेश चन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार मेले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न कम्पनियों के तीन सौ सुरक्षा कर्मी, राजस्थान पुलिस के दो सौ अधिकारी और जवान, मंदिर मण्डल के एक सौ सुरक्षा कर्मी रात-दिन मेले में चाक चैबन्ध हैं। मन्दिर परिसर एवं बाहर सुरक्षा की दृष्टि से कई सी सी टी वी केमरे लगाए गए हैं।

आवास-प्रवास सुविधाएं

मंदिर मण्डल के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न धर्मशालाओं में दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। वहीं गोवर्धन बस स्टेण्ड एवं काम्पेक्स मार्केट में डोम लगा कर अस्थायी आवास की व्यवस्था की गई है। यहां ठहरने के लिए करीब 60 गेस्ट हाउस और आधा दर्जन होटलें भी उपलब्ध हैं। मंदिर प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर दो दर्जन मोबाईल टाइलेट्स का भी प्रबन्ध किया है। जगह-जगह पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

मंगलवार को हेलीकोप्टर से पुष्प वर्षा
कल मंगलवार को दोपहर बाद विशेष हेलीकोप्टर द्वारा भगवान सांवलियाजी के मंदिर पर दो क्विंटल गुलाब पंखुडियों की वर्षा की जाएगी। गौर तलब है कि यह आयोजन मेले के दौरान भक्त ों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहता है। इसके अतिरिक्त आठ क्विंटल पुष्प श्रद्धालु बरसाएगें।

भजन संध्या और रंगारंग आयोजन
मंगलवार को विशाल रथयात्रा मन्दिर परिसर से प्रारम्भ होगी। रजत रथ में बिराजमान भगवान सांवलियाजी ग्राम के प्रमुख स्थानों और सदर बाजार से सांवरिया एनिकट पधारेगे जहां गांव और पास पड़ोस के मन्दिरों के बेवाण में आने वाली प्रतिमाओं को स्नान कराएगे। शोभा यात्रा की वापसी पर रात्रि 8 बजे विशेष आरती होगी और रंगारंग आतिशबाजी होगी।

पाश्र्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य का दल रेफरल चिकित्सालय स्टेज पर रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक अपनी रंगारंग प्रस्तुति देगा। इसी स्टेज पर रात्रि 1 से प्रातः 5 बजे पाश्र्व गायक शंकर सहानी, लाफ्टर अहसान कुरेशी का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत होगा। मंदिर परिसर के सामने स्टेज पर रात्रि 8 से 12 बजे तक कविता पोडवाल, खूशबू, अरूण चैहान, अंकित सिसोदिया एव ंदल द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। इसी स्टेज पर रात्रि 1 से प्रातः 5 बजे तक सुरभि चतुर्वेदी जयपुर और के के शर्मा के दल द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। समृद्धि फिल्मस चित्तौड़गढ़ द्वारा गोवर्धन बस स्टेण्ड के पीछे स्टेज पर रात्रि 8 से 12 बजे तक प्रस्तुतियां होंगी। इसी मंच पर रात्रि 1 से प्रातः बजे तक प्रिन्स ग्रुप द्वारा आरकेस्ट्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें।


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