दौसा- जानिए यहां भूतनी के खौफ में एक गांव?

दौसा। अंध विश्वास एक ऐसा रोग है, जिसका उपचार कभी भी संभव नहीं है, लेकिन यहां एक गांव ऐसा है, जहां भूतनी का खाैफ इस कदर लोगों में है कि रात को घर से बाहर तक निकला उनके लिए किसी जलजले से कम नहीं है। यहां भूतनी के खौफ से पूरा गांव रात को अपने घरों में दूबक जाते है और घरों से बाहर निकलने का नाम तक नहीं लेते। कहानी है दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी से सटे उदयुपरा गांव की, जहां ग्रामीण अंध विश्वास के चलते 7-8 माह से भूत प्रेतों का साया मानते हुए गांव में करीब 80 लोगों की अकाल मौत होने का दावा कर रहे हैं। कुछ लोग नींद में डर कर घरवालों को जगा देते हैं, तो अनेक लोग रात के समय अजीब -अजीब आवाजें सुनाई देने का दावा करते हैं। इसके समाधान के लिए गांव के सैंकड़ों लोग तीन दिन से मेहंदीपुर बालाजी की गायत्री ध्यान संस्थान के एक गुरूजी के पास पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त संस्थान के गुरूजी ने गांव की श्मशान में 7-8 महीने पहले एक महिला का कथित तौर पर भूत भगाने के नाम पर तंत्र मंत्र किया, जो साधना अधूरी रह गई, जिसके चलते गांव की मरघट जाग उठी है। अब ग्रामीण इन्हीं गुरूजी से मामले का समाधान करने की गुजारिश कर रहे है उन्होंने बताया कि मौत भी इस प्रकार से होती है कि रोगी को चिकित्सालय तक पहुंचाने तक का समय नहीं मिलता। ग्रामीणों का मानना है कि 7-8 महीने पहले उदयपुरा गांव के ही कुछ युवक गायत्री शक्ति पीठ के संचालक को एक महिला के शरीर से कथित तौर पर ऊपरी बाधा भगाने के लिए उदयपुरा गांव में लेकर आए थे। इस दौरान गांव की श्मसान में कथित तौर पर रात के समय तंत्र विद्या की गई। तंत्र विद्या का ग्रामीणों को पता लगने पर कथित तौर पर तंत्र विद्या में बाधा आ गई और वह अधूरी रह गई। ग्रामीणों का मानना है कि तभी से गांव की श्मशान जाग ऊठी है, जिसके बाद से गांव में मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। गांव में इस तरह का माहौल बना हुआ है कि कब किसकी मौत की बारी आएगी। इसी के चलते लोगों की नींद हराम हो गई है।


correspondent

DesertTimes.in

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