गेहूं की कम रही खरीदारी, शुल्क भी कम मिला

-मंडी समिति प्रशासन को है मई से उम्मीद
श्रीगंगानगर। गंगानगर जिले में गेहूं के औसत उत्पादन के बाद इसकी मंडियों में भी आवक कम रही है। जिले की अधिकांशतम कृषि उपज मंडियों में कम मात्रा में गेहूं आने के कारण इनका राजस्व भी प्रभावित हुआ है। विशेषकर गंगानगर अनाज मंडी समिति का मंडी शुल्क कम हुआ है।
बीते अप्रेल में गंगानगर अनाज मंडी समिति में 6,01678 क्ंिवटल गेहूं की आवक रही। इसकी सरकारी और प्राइवेट व्यापारियों ने खरीद की, जिसकी एवज मेंं मंडी समिति को 1 करोड़ 49 लाख 54 हजार 240 रुपए का मंडी शुल्क मिला। तकरीबन डेढ़ करोड़ का मंडी शुल्क पाकर भी अनाज मंडी समिति प्रशासन राजी नहीं है। उसका आंकलन इससे अधिक मंडी शुल्क का था। अब मंडी समिति की निगाहें मई पर लगी हैं, जिसमें गेहूं की अधिकतम आवक और खरीद होती है। मंडी समिति को उम्मीद है कि अप्रेल से ज्यादा शुल्क मई में मिलेगा।
पिछले वर्ष भी यही थी हालत
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष भी यही हालत थी। 14,23,778 क्ंिवटल पर मंडी समिति को 3 करोड़ 41 लाख 54 हजार 176 रुपए का मंडी शुल्क मिला था। वर्ष 2014-15 में 3 करोड़ 82 लाख 62 हजार 80 रुपए का मंडी शुल्क मिला था जबकि आवक 16,68807 क्ंिवटल रही थी।
बढ़ोतरी की उम्मीद
स्थानीय कृषि विपणन बोर्ड के क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक शिवसिंह भाटी ने मई माह मेंं मंडी शुल्क बढऩे की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि गेहूं की अधिकांश आवक मई में आती है, इसलिए अभी मंडी शुल्क बारे आंकलन करना मुश्किल है। उम्मीद है कि मई में मंडी शुल्क बढ़ेगा।

correspondent

DesertTimes.in

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