सडक़ किनारे जिन्दा नवजात बच्ची बरामद

अज्ञात मां ने मरने के खातिर छोड़ दिया
सादुलशहर। अज्ञात मां ने कलेजे के टुकड़े को सडक़ किनारे फैंक दिया, लेकिन भगवान ने इस बालिका की सांसों की डोर को टूटने नहीं दिया। जिन्दा नवजात बालिका को समय रहते संभाल लेने पर वह बच गई और जिला सिविल अस्पताल में भर्ती है।जानकारी के अनुसार सादुलशहर-मन्नीवाली सडक़ मार्ग पर स्थित गांव प्रतापपुरा के ग्रामीण आज सुबह नींद से जागे तो गांव की सडक़ के किनारे एक मासूम बच्ची की किलकारियां सुन कर वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने नवजात बालिका को कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। इसी बीच सूचना मिलने पर सादुलशहर पुलिस भी अस्पताल में पहुंच गये। अस्पताल में डॉक्टर चन्द्रमोहन ढालिया ने बालिका का चैकअप करने के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। डॉक्टर के अनुसार बालिका एकदम स्वस्थ है, लेकिन सादुलशहर के अस्पताल में नवजात बच्चों के स्वास्थ्य के लिए व्यवस्था नहीं है। इस कारण बालिका को श्रीगंगानगर भेजा गया है।थाना प्रभारी भूपेन्द्र सोनी ने अस्पताल में पहुंच कर बालिका के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गांव प्रतापपुरा में पहुंच कर ग्रामीणों से बच्ची के बारे में पूछताछ की। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बच्ची को सडक़ पर लावारिस छोडऩे वाली अज्ञात मां आसपास के ग्रामीण इलाके की हो सकती है। पुलिस व ग्रामीण अज्ञात मां की तलाश में जुटे हुए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर सादुलशहर कस्बे में नवजात बच्ची के लावारिस मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाए जाने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं अस्पताल में पहुंची और बालिका की एक झलक देखी। महिलाओं ने उस मां को बेहद कोसा, जिसने इस मासूम को जन्म देकर मरने के लिए सडक़ पर लावारिस फैंक दिया।

correspondent

DesertTimes.in

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