हथियार से भी ताकतवर है अध्यात्म: इंद्रेश

श्रेष्ठ और मूल्यनिष्ठ समाज के मार्गदर्श होते हैं कवि: दादी रतनमोहिनी
आबू रोड, 25 मई, निसं। प्राचीन काल से ही हर कार्य आध्यात्मिकता से ओत: प्रोत रही है जो समाज को साहित्य, अध्यात्म के सहारे जोड़ती रही है। वास्तव में कवि की रचना भावनाओं का संसार है। कवि श्रेष्ठ और मूल्यनिष्ठ समाज के मार्गदर्शक है। उक्त उदगार ब्रह्माकुमारीज संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयेागिनी दादी रतनमोहिनी ने व्यक्त किये। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के मनमोहिनीवन में आयोजित छठवें राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में सम्बोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि भारत देश की विरासत पूरे विश्व में जानी और पहचानी जाती है। जिसके लिए भारत के कवियों ने साहित्य और भाव के अनेक भावनाओं से पहुंचाता रहा है। यहॉं का कवि सम्मेलन अब परमात्मा शिव के संदेश को पूरे विश्व में पहुंचाने का प्रयास करेगा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश ने कहा कि भारत देश आध्यात्मिक और शांति के धरोहर के रूप में विख्यात है। यहॉं युद्ध से ज्यादा अध्यात्म की शक्ति पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत देश हथियार के बजाए अध्यात्म को तरजीह देता रहा है। चीन और भारत के प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि कवियों के प्रस्तुतिकरण में भावनाओं का जो संसार बहता है वह बहुत ही शक्तिशाली है। ईश्वर, अल्लाह और परमात्त्मा तीनों एक ही के पर्यायवाची है। यह कवि सम्मेलन निश्चित तौर पर आज के समाज के लिए सकारात्मक सिद्ध होगा। ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय आयोजकों को धन्यवाद करते हुए पुन: आयोजन करने का आमंत्रण दिया।
राष्ट्रीय कवि संगम के डा0 अशोक बत्रा ने कहा कि आज तक जो भी कवि सम्मेलन हुआ है वह आध्यात्मिक जगहों पर ही हुआ है। हरिद्वार, इलाहाबाद के साथ कई आध्यात्मिक स्थानों के पश्वात यहॉं ब्रह्माकुमारीज संस्थान में आयोजित होना शक्ति और अध्यात्म का परिचायक है। इससे निश्चित तौर पर कवियों को एक दिशा और शक्ति प्रदान होगी। कार्यक्रम में गुरूग्राम के समाजसेवी मदन जिंदल, राष्ट्रीय कवि संगम के महामंत्री डा अशोक बत्रा ने कवियों और उनकी भावनाओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा संगम है जहॉं मॉं सरस्वती का वास मनुष्य को एक बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
इस कार्यक्रम राजस्थान के पूर्वमंत्री जोगेश्वर गर्ग, कवियित्री आशा पांडेय, रसिक गुप्ता, महेश शर्मा, गया प्रसाद, अनिल अमल, सवेश्र मिश्र काशी, किशोर पारीक ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये तथा कविताओं और रचनाओं के माध्यम से लोगों को खूब मनोरंजन कराया।
गुजरात के राज्यपाल करेंगे समापन: इस कवि सम्मेलन का समापन गुरूवार को सायं होगा। जिसमें गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली भाग लेंगे। कोहली गुरूवार को ढाई बजे मानपुर हवाई पटटी पर उतरेंगे। उसके पश्चात वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में कार्यक्रम में भाग लेंगे।


correspondent

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