‘अल्ट्रा वॉयलेट रेज़’ से यूं बचाएं अपनी आंखों को

क्या आप जानते हैं कि धूप से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट रेज़ आंखों के लिए कितनी खतरनाक होती हैं? गर्मी के कारण आंखों में मेलानोमा या लायमोफोमा जैसी कई तरह की बीमारियों के होने का जोखिम बढ़ जाता है। अल्ट्रा वॉयलेट रेज़ मौसम के साथ फैलती हैं, जिसकी गति प्रकाश से भी अधिक तेज होती है। यहां तक कि यह रेज़ छाया होने पर भी मौजूद रहती हैं, जिसकी वज़ह से आंखों से संबंधित कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इससे बचने के लिए धूप में निकलते समय आंखों पर सनग्लास जरूर लगाएं। यह खतरनाक अल्ट्रा वॉयलेट ‘ए’ और अल्ट्रा वायलेट ‘बी’ रेज़ को रोकता है। धूप के छिप जाने के बाद अगर आप छाया में खड़े हों, तब भी सनग्लास का उपयोग करें। हालांकि छाया में यूवी रेज़ कुछ डिग्री कम होती हैं, लेकिन सामने की इमारतों और सड़क पर चल रहे वाहनों से आने टकराकर वापस आने वाली यूवी रेज़ अपना बूरा प्रभाव आपकी आंखों पर डाल सकती हैं।

इसके अलावा सिर पर हैट लगाकर भी आप इन रेज़ को आंखों में आने से रोक सकते हैं। धूप में निकलते समय चौड़े किनारे वाली टोपी या हैट पहनकर निकलें, यह बचाव की एक अतिरिक्त परत का काम करती है। गर्मी के मौसम में इस बात का विशेष ख्याल रखें कि आंखों में नमी बनी रहे। यह आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम दो लीटर पानी ज़रूर पीएं ताकि आंखों और त्वचा को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके।


correspondent

DesertTimes.in

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