अज्ञानी अपने कार्यों में पूरी तरह नहीं उतरता

एक ज्ञानी व्यक्ति जो भी करता है उसका पूरी तरह बोध रखता है जबकि अज्ञानी अपने कार्यों में पूरी तरह नहीं उतरता। अज्ञानी व्यक्ति जहां भी होता है उसका दिमाग वहां से कोसों दूर भ्रमण कर रहा होता है। तब एक ही दुनिया का अर्थ दो लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन हमारी दिलचस्पी इसमें हो सकती है कि बुद्धिमान व्यक्ति आखिर दुनिया को किस तरह देखता है? वह किस तरह से सोचता है, महसूस करता है और किस तरह चीजों पर अपनी प्रतिक्रिया करता है?

हर व्यक्ति दुनिया को अलग तरह से दुनिया को देखता है। कोई व्यक्ति दुनिया को कैसे देखेगा यह उसके स्वभाव और जीवन के प्रति उसके दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। अज्ञानी और बुद्धिमान दोनों ही इस दुनिया को अपनी-अपनी तरह से देखते हैं।

एक प्रज्ञावान व्यक्ति के पास पहुंचकर किसी व्यक्ति ने पूछा, ‘मैं जानता हूं कि आप ज्ञानवान हैं लेकिन आप पूरा दिन क्या करते हैं?’ ज्ञानवान व्यक्ति ने जवाब दिया, ‘मैं सोता हूं, फिर मैं उठता हूं, फिर स्नान करता हूं, फिर भोजन करता हूं और फिर काम पर जाता हूं।’

उस व्यक्ति ने कहा, ‘इसमें तो कुछ भी नया नहीं है। मैं भी यही सब करता हूं।” ज्ञानवान व्यक्ति ने जवाब दिया, ‘लेकिन जब मैं सोता हूं तो पूरी तरह नींद में होता हूं। जब मैं जागता हूं तो पूरी तरह जाग्रत अवस्था में होता हूं। जब मैं नहाता हूं तो मुझे इस बात का पूरा बोध होता है। जब मैं भोजन ग्रहण करता हूं तो पूरी तरह से भोजन का आनंद उठाता हूं। जब मैं काम करता हूं तो अपना शत प्रतिशत काम में लगाता हूं।” उस व्यक्ति ने विरोध किया, ‘लेकिन ऐसा तो मैं भी करता हूं। तुम मुझे मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हो?’

तब ज्ञानी व्यक्ति ने कहा, ‘तुम अभी भी मेरी बात को समझे नहीं। जब तुम नींद में होते हो तो सपने देखते हो। जब तुम जागते हो तब तुम नींद में होते हो क्योंकि तुम एक सपनीली दुनिया में ही जीते हो। जब तुम नहाते हो तो उन सभी चीजों के बारे में सोचते रहते है जो तुम पूरे दिन में करने वाले हो। जब तुम भोजन कर रहे होते हो तब भी तुम्हारा दिमाग कहीं ओर घूम रहा होता है। जब तुम काम पर होते हो तब तुम्हारा दिमाग घर पर होता है। तुम जहां भी होते हो वहां से तुम्हारा दिमाग कोसों दूर कहीं ओर भी घूम रहा होता है।’

जबकि एक प्रज्ञावान व्यक्ति दूसरों की तरह ही दिखाई देता है लेकिन उसकी मानसिक अवस्था दूसरों से बहुत भिन्ना होती है। कुछ महान व्यक्ति बहुत धैर्य के साथ बात करते नजर आते हैं जबकि कुछ बहुत सक्रिया और अच्छा संगठन खड़ा कर दिखाते हैं। उनका व्यवहार बहुत अप्रत्याशित होता है।


correspondent

DesertTimes.in

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