गर्मी-सिंचाई पानी से प्रभावित हो रही है नरमे की बिजाई

-कम रह सकता है बिजाई लक्ष्य
श्रीगंगानगर। गंगानगर सहित हनुमानगढ़ जिले में पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से नरमा-बीटी कॉटन की बिजाई प्रभावित हो रही है। तेज गर्मी के कारण जहां खेतों में काम करना मुश्किल बना हुआ है, वहीं नहरों में सिंचाई पानी की कम उपलब्धता कोढ़ में खाज का काम कर रही है। ऐसे में कृषि विभाग के बिजाई लक्ष्य के कम रहने की संभावना है।
मौजूदा हफ्ते में गंगानगर जिले का अधिकतम तापमान 47 डिग्री से ऊपर रहा है जबकि बीते बुधवार-गुरुवार को तो पारा 49 के पार हो गया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण इन दिनों खेतों में काम करना मुश्किल बना हुआ है, जिसके चलते नरमा और बीटी कॉटन की बिजाई प्रभावित हो रही है। आमतौर पर मई के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में इतना तापमान नहीं रहता है लेकिन इस बार तापमान कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। इससे रोजमर्रा के अलावा आवश्यक कामकाज भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
बिजाई कम रहने की संभावना
बिजाई कार्य में भीषण गर्मी के साथ-साथ सिंचाई पानी की कम उपलब्धता भी काश्तकारों के लिए परेशानी बनी हुई है। नहरों के टेल क्षेत्रों में तो पेयजल के लिए भी पानी की किल्लत आ रही है। ऐसे में खरीफ की बिजाई धीमी गति से जारी है। जिले में अब 20 हजार हैक्टेयर मेें नरमा बिजाई लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 5525 हैक्टेयर में बिजाई हो सकी है जबकि बीटी कॉटन की बिजाई भी 25 प्रतिशत से अधिक नहीं हुई है। अब तक 7750 हैक्टेयर में बीटी कॉटन बोया गया है जबकि लक्ष्य 35000 हैक्टेयर का है। भीषण गर्मी और सिंचाई पानी की कमी से संभावित है कि जिले में नरमा-कपास की बिजाई लक्ष्य से कम रह जाए।

correspondent

DesertTimes.in

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